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सरकार कर्मचारियों को प्रताड़ित न करे
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प्रेस को संबोधित करते हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र चौहान। संवाद
- फोटो : Chamba
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चंबा। कर्मचारी सरकार की रीढ़ है। अगर सरकार उनको प्रताड़ित करेगी तो इससे दोबारा सरकार बनाना मुश्किल भरा हो जाएगा। यह बात चंबा के एक होटल में संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने पत्रकार वार्ता में कही।
चौहान ने कहा कि आज के समय में कर्मचारी चुप हैं। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में कुछ बड़ा होने वाला है। उन्होंने खुलासा किया है कि एक सौ से अधिक कर्मचारी शिक्षा निदेशालय में सेवाएं दे रहे है। सवाल उठ रहा है कि वे किस मानक के तहत वहां बैठे हैं। इन शिक्षकों को समय पर सैलरी की अदायगी हो रही है, मगर एक रुपये का काम उनसे सरकार नहीं ले पा रही है। चाटुकारिता करने वालों को निदेशालय में स्थान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में इन शिक्षकों को नहीं भेजा रहा है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों की तनख्वाह स्कूलों से निकल रही है तो उन्हें स्कूलों में होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि निदेशालय में डेपुटेशन पर बैठे शिक्षकों को स्कूलों में तैनात करें। फरवरी 2022 में तीन प्रतिशत डीए देने की अधिसूचना सरकार ने जारी की थी। मगर मई में भी सैलरी में नहीं जोड़ा गया।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों के लिए लड़ने वालों को सरकार प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने सरकार को परामर्श दिया है कि वे ऐसा न करें। कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा।
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चौहान ने कहा कि आज के समय में कर्मचारी चुप हैं। इसका मतलब यह है कि आने वाले समय में कुछ बड़ा होने वाला है। उन्होंने खुलासा किया है कि एक सौ से अधिक कर्मचारी शिक्षा निदेशालय में सेवाएं दे रहे है। सवाल उठ रहा है कि वे किस मानक के तहत वहां बैठे हैं। इन शिक्षकों को समय पर सैलरी की अदायगी हो रही है, मगर एक रुपये का काम उनसे सरकार नहीं ले पा रही है। चाटुकारिता करने वालों को निदेशालय में स्थान दिया गया है।
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उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में इन शिक्षकों को नहीं भेजा रहा है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों की तनख्वाह स्कूलों से निकल रही है तो उन्हें स्कूलों में होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि निदेशालय में डेपुटेशन पर बैठे शिक्षकों को स्कूलों में तैनात करें। फरवरी 2022 में तीन प्रतिशत डीए देने की अधिसूचना सरकार ने जारी की थी। मगर मई में भी सैलरी में नहीं जोड़ा गया।
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उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों के लिए लड़ने वालों को सरकार प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने सरकार को परामर्श दिया है कि वे ऐसा न करें। कर्मचारियों के हितों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा।