{"_id":"664a2dd7c254638dc60582e3","slug":"gola-forest-kept-burning-but-those-who-started-the-fire-were-not-found-chamba-news-c-88-1-ssml1006-125264-2024-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: दहकता रहा गोला जंगल, हाथ नहीं आए आग भड़काने वाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: दहकता रहा गोला जंगल, हाथ नहीं आए आग भड़काने वाले
Sun, 19 May 2024 10:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 19 May 2024 10:20 PM IST
विज्ञापन
जंगल में भड़की आग को बुझाते वन विभाग के कर्मचारी: जागरूक पाठक
सिहुंता (चंबा)। वन मंडल डलहौजी के परिक्षेत्र में आने वाले गोला जंगल में 67 हेक्टेयर वन संपदा को स्वाह करने वाले शरारती तत्वों का विभाग को पता नहीं चल पाया है।
फायर सीजन में जंगलों में आग लगने के बारे में मुख्य वन अरण्यपाल ने सभी वन मंडलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सचेत रहने के निर्देश दिए थे। भटियात के गोला जंगल में वन संपदा जलकर राख हो गई है। वन विभाग के अधिकारी ने पुलिस चौकी में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए अर्जी दी है। यह एफआईआर होगी या नहीं इसको लेकर भी वन विभाग के अधिकारी को जानकारी नहीं है। शुक्रवार रात को गोला जंगल दहक रहा था। आग को बुझाना वन विभाग के लिए मुश्किल हो रहा था। विभाग की लाचारी को देखते हुए स्थानीय लोगों ने जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए पहल की। करीब एक दर्जन स्वयं सेवियों ने वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर आग को बुझाया। तब जाकर रविवार दोपहर बाद आग बुझ पाई।
67 हेक्टेयर में भड़की आग में वन संपदा जलकर राख हुई है। आग में जंगल में रहने वाले वन्य जीव भी मारे गए होंगे। अभी तक विभाग के पास इसका कोई डाटा उपलब्ध नहीं है। जंगल में लगी आग की इस घटना से यह साबित होता है कि विभाग भले ही फायर सीजन में जितनी मर्जी तैयारी कर ले, लेकिन जब तक विभागीय कर्मचारी जंगल में आग लगाने वालों को पकड़ने में कामयाब नहीं होते, तब तक जंगलों में वन संपदा ऐसे ही स्वाह होती रहेगी।
विज्ञापन
--
जंगल में भड़की को बुझाते समय वन रक्षक किशोरी लाल मामूली रूप से चोटिल हुए। इस आग को बुझाने वाले स्वयं सेवियों में देव, गज्जा राम, गौतम, ज्ञान चंद, बुद्धि सिंह, चमन, अशोक कुमार, रेनू देवी, प्यार सिंह, राज सिंह और प्रभात सिंह के नाम शामिल रहे। इनकी मदद के बिना आग को बुझा पाना विभाग के लिए नामुमकिन था।
--
मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि जंगलों को आग से बचाने के लिए विभागीय कर्मचारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। जंगलों में आग लगाने वालों को पकड़ने के लिए भी उन्हें निर्देशित किया गया है।
--
विज्ञापन
फायर सीजन में जंगलों में आग लगने के बारे में मुख्य वन अरण्यपाल ने सभी वन मंडलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सचेत रहने के निर्देश दिए थे। भटियात के गोला जंगल में वन संपदा जलकर राख हो गई है। वन विभाग के अधिकारी ने पुलिस चौकी में एफआईआर दर्ज करवाने के लिए अर्जी दी है। यह एफआईआर होगी या नहीं इसको लेकर भी वन विभाग के अधिकारी को जानकारी नहीं है। शुक्रवार रात को गोला जंगल दहक रहा था। आग को बुझाना वन विभाग के लिए मुश्किल हो रहा था। विभाग की लाचारी को देखते हुए स्थानीय लोगों ने जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए पहल की। करीब एक दर्जन स्वयं सेवियों ने वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर आग को बुझाया। तब जाकर रविवार दोपहर बाद आग बुझ पाई।
विज्ञापन
67 हेक्टेयर में भड़की आग में वन संपदा जलकर राख हुई है। आग में जंगल में रहने वाले वन्य जीव भी मारे गए होंगे। अभी तक विभाग के पास इसका कोई डाटा उपलब्ध नहीं है। जंगल में लगी आग की इस घटना से यह साबित होता है कि विभाग भले ही फायर सीजन में जितनी मर्जी तैयारी कर ले, लेकिन जब तक विभागीय कर्मचारी जंगल में आग लगाने वालों को पकड़ने में कामयाब नहीं होते, तब तक जंगलों में वन संपदा ऐसे ही स्वाह होती रहेगी।
विज्ञापन
जंगल में भड़की को बुझाते समय वन रक्षक किशोरी लाल मामूली रूप से चोटिल हुए। इस आग को बुझाने वाले स्वयं सेवियों में देव, गज्जा राम, गौतम, ज्ञान चंद, बुद्धि सिंह, चमन, अशोक कुमार, रेनू देवी, प्यार सिंह, राज सिंह और प्रभात सिंह के नाम शामिल रहे। इनकी मदद के बिना आग को बुझा पाना विभाग के लिए नामुमकिन था।
मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि जंगलों को आग से बचाने के लिए विभागीय कर्मचारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। जंगलों में आग लगाने वालों को पकड़ने के लिए भी उन्हें निर्देशित किया गया है।