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मेडिकल कॉलेज में पांचवें दिन भी नहीं हुए मुफ्त टेस्ट
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चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा की प्रयोगशाला में पांचवें दिन भी मरीजों के मुफ्त टेस्ट नहीं हो पाए। सरकारी प्रयोगशाला में दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। मरीजों को मजबूरी में अपने टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों का रुख करना पड़ रहा है। यहां उनसे टेस्ट के बदले में मनमाने दाम वसूल किए जा रहे हैं जबकि सरकारी लैब में मरीजों के मुफ्त टेस्ट करने की सुविधा है। मशीन खराब होने के कारण मरीजों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यही कारण है कि मरीज अपने टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में पैसे खर्च करने के लिए मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी अस्पताल में भर्ती मरीजों को उठानी पड़ रही है। तीमारदारों को उनके टेस्ट करवाने के लिए खून के नमूने लेकर निजी लैब में जाना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें मरीज छोड़कर अस्पताल परिसर के बाहर जाना पड़ रहा है।
तीमारदारों हंसराज, केवल कुमार, चैन लाल और रवि कुमार ने बताया कि खराब मशीन को दुरुस्त करवाने में पांच दिन का समय नहीं लगना चाहिए। प्रबंधन को इसमें गंभीरता दिखाते हुए जल्द खराब मशीन को दुरुस्त करवाना चाहिए। आयुष्मान और हिमकेयर योजना के तहत इलाज करवाने वाले मरीजों को भी निजी लैब में पैसे देकर अपने टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं जबकि इन योजनाओं के तहत मरीजों का इलाज मुफ्त होता है। उन्होंने जिला प्रशासन और प्रबंधन से मांग की है कि खराब मशीन को जल्द दुरुस्त करवाया जाए। कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि खराब मशीन को दुरुस्त करवाने के लिए एक्सपर्ट बुलाए गए हैं। जल्द मशीन दुरुस्त हो जाएगी।
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तीमारदारों हंसराज, केवल कुमार, चैन लाल और रवि कुमार ने बताया कि खराब मशीन को दुरुस्त करवाने में पांच दिन का समय नहीं लगना चाहिए। प्रबंधन को इसमें गंभीरता दिखाते हुए जल्द खराब मशीन को दुरुस्त करवाना चाहिए। आयुष्मान और हिमकेयर योजना के तहत इलाज करवाने वाले मरीजों को भी निजी लैब में पैसे देकर अपने टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं जबकि इन योजनाओं के तहत मरीजों का इलाज मुफ्त होता है। उन्होंने जिला प्रशासन और प्रबंधन से मांग की है कि खराब मशीन को जल्द दुरुस्त करवाया जाए। कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि खराब मशीन को दुरुस्त करवाने के लिए एक्सपर्ट बुलाए गए हैं। जल्द मशीन दुरुस्त हो जाएगी।
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