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Chamba News: बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने बोला हल्ला
Thu, 12 Feb 2026 10:36 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 12 Feb 2026 10:36 PM IST
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सलूणी (चंबा)। बिजली बोर्ड के निजीकरण के विरोध में वीरवार को बिजली कर्मचारियों ने एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लॉइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर सलूणी में भी पूर्ण पेन और टूल डाउन हड़ताल रही। हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाओं को बाहर रखा गया, जिससे आम जनता को कोई असुविधा नहीं हुई।
भोजनावकाश के दौरान बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर सैकड़ों कर्मचारी, अभियंता, आउटसोर्स कर्मी, पेंशनर और विद्युत उपभोक्ता जुटे। उन्होंने बिजली बोर्ड के निजीकरण और केंद्र सरकार के विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान संयुक्त कार्रवाई समिति ने चेतावनी दी कि निजीकरण से बिजली क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम होंगे।
सरकारी कंपनी के कुल राजस्व का लगभग 64 प्रतिशत औद्योगिक उपभोक्ताओं से आता है, यदि यह वर्ग निजी कंपनियों को चला गया तो वित्तीय स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित होगी। आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिरता खतरे में आएगी और सेवा शर्तों और पेंशन पर असर पड़ेगा।
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इसको लेकर सलूणी के तहसीलदार अभिराय सिंह ठाकुर के माध्यम से कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि विद्युत बोर्ड का निजीकरण रोकना, कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए नई भर्तियां, पुरानी पेंशन योजना लागू करना, 10-12 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थायी नीति, लंबित सेवानिवृत्ति लाभों का तत्काल भुगतान किया जाए। इस अवसर पर सलूणी सब यूनिट के प्रधान ज्ञानी राम, सचिव विकास कुमार, उपप्रधान सुशील, रमेश, संजीव, कोषाध्यक्ष रवि, यज्ञेश, मुख्य सलाहकार डोगरू राम और पेंशनर मान सिंह भी मौजूद रहे।
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भोजनावकाश के दौरान बिजली बोर्ड कार्यालय के बाहर सैकड़ों कर्मचारी, अभियंता, आउटसोर्स कर्मी, पेंशनर और विद्युत उपभोक्ता जुटे। उन्होंने बिजली बोर्ड के निजीकरण और केंद्र सरकार के विद्युत (संशोधन) विधेयक, 2025 के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान संयुक्त कार्रवाई समिति ने चेतावनी दी कि निजीकरण से बिजली क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम होंगे।
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सरकारी कंपनी के कुल राजस्व का लगभग 64 प्रतिशत औद्योगिक उपभोक्ताओं से आता है, यदि यह वर्ग निजी कंपनियों को चला गया तो वित्तीय स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित होगी। आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिरता खतरे में आएगी और सेवा शर्तों और पेंशन पर असर पड़ेगा।
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इसको लेकर सलूणी के तहसीलदार अभिराय सिंह ठाकुर के माध्यम से कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि विद्युत बोर्ड का निजीकरण रोकना, कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए नई भर्तियां, पुरानी पेंशन योजना लागू करना, 10-12 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थायी नीति, लंबित सेवानिवृत्ति लाभों का तत्काल भुगतान किया जाए। इस अवसर पर सलूणी सब यूनिट के प्रधान ज्ञानी राम, सचिव विकास कुमार, उपप्रधान सुशील, रमेश, संजीव, कोषाध्यक्ष रवि, यज्ञेश, मुख्य सलाहकार डोगरू राम और पेंशनर मान सिंह भी मौजूद रहे।