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Chamba News: ड्रोन तकनीक, फायरिंग प्रशिक्षण से एनसीसी कैडेट्स हुए रोमांचित
Mon, 25 May 2026 10:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 25 May 2026 10:34 PM IST
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लेफ्टिनेंट रोहित ने दी ड्रोन संचालन की जानकारी, कैडेट्स ने सीखी निशानेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। आधुनिक तकनीक और सैन्य प्रशिक्षण के संगम से चेली कॉलोनी बनीखेत में चल रहे एनसीसी के प्रशिक्षण शिविर का माहौल उत्साह और रोमांच से भर गया।
कैडेट्स को ड्रोन तकनीक की जानकारी देने के साथ फायरिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। ड्रोन कैसे कार्य करता है, उसका उपयोग किन-किन क्षेत्रों में किया जाता है और देश की सुरक्षा में उसकी क्या भूमिका है, इस विषय पर अरनी यूनिवर्सिटी से पहुंचे लेफ्टिनेंट रोहित कुमार ने जानकारी दी। लेफ्टिनेंट रोहित कुमार ने बताया कि आज के समय में ड्रोन तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। इसका उपयोग सेना तक सीमित नहीं रहा है। कृषि, आपदा प्रबंधन, फोटोग्राफी, मेडिकल सप्लाई, निगरानी, सर्वेक्षण तथा सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में ड्रोन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कैडेट्स को ड्रोन उड़ाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, उसके नियंत्रण प्रणाली और तकनीकी कार्यप्रणाली के बारे में बताया। ड्रोन का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। कैडेटों ने ड्रोन संचालन से जुड़े सवाल पूछे। इनका लेफ्टिनेंट रोहित कुमार ने सरल भाषा में जवाब दिया। कैडेट्स को फायरिंग का प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्हें निशानेबाजी की मूल तकनीकों, हथियारों को सुरक्षित तरीके से संभालने और लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने के बारे में सिखाया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। आधुनिक तकनीक और सैन्य प्रशिक्षण के संगम से चेली कॉलोनी बनीखेत में चल रहे एनसीसी के प्रशिक्षण शिविर का माहौल उत्साह और रोमांच से भर गया।
कैडेट्स को ड्रोन तकनीक की जानकारी देने के साथ फायरिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। ड्रोन कैसे कार्य करता है, उसका उपयोग किन-किन क्षेत्रों में किया जाता है और देश की सुरक्षा में उसकी क्या भूमिका है, इस विषय पर अरनी यूनिवर्सिटी से पहुंचे लेफ्टिनेंट रोहित कुमार ने जानकारी दी। लेफ्टिनेंट रोहित कुमार ने बताया कि आज के समय में ड्रोन तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। इसका उपयोग सेना तक सीमित नहीं रहा है। कृषि, आपदा प्रबंधन, फोटोग्राफी, मेडिकल सप्लाई, निगरानी, सर्वेक्षण तथा सुरक्षा जैसे कई क्षेत्रों में ड्रोन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कैडेट्स को ड्रोन उड़ाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, उसके नियंत्रण प्रणाली और तकनीकी कार्यप्रणाली के बारे में बताया। ड्रोन का लाइव प्रदर्शन भी किया गया। कैडेटों ने ड्रोन संचालन से जुड़े सवाल पूछे। इनका लेफ्टिनेंट रोहित कुमार ने सरल भाषा में जवाब दिया। कैडेट्स को फायरिंग का प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्हें निशानेबाजी की मूल तकनीकों, हथियारों को सुरक्षित तरीके से संभालने और लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाने के बारे में सिखाया गया।
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