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Chamba News: डॉक्टरों ने दूसरे दिन भी काले बिल्ले लगाकर दीं सेवाएं
Fri, 19 Jan 2024 10:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 19 Jan 2024 10:41 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सहित जिले के अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों ने दूसरे दिन भी काले बिल्ले लगाकर मरीजों की नब्ज टटोली।
डॉक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी तब तक करने का फैसला लिया है, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं। शुक्रवार को भी चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर कार्य किया। शांतिप्रिय तरीके से चल रहे उनके आंदोलन से मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं झेलनी पड़ी। डॉक्टरों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगें शीघ्र न मानीं तो वे काम छोड़ो हड़ताल शुरू कर सकते हैं। मेडिकल अफसर एसोसिएशन के जिला महासचिव डॉक्टर करण हितैषी ने बताया कि सात माह पहले जब प्रदेश में डॉक्टरों ने मांगों को लेकर पेन डाउन हड़ताल की थी तो मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एसोसिएशन को बुलाकर उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। सात माह बाद भी डॉक्टरों की कोई मांग पूरी नहीं हुई है। इससे प्रदेश के डॉक्टरों में सरकार के प्रति रोष है। इसके चलते डॉक्टर काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनकी मांगों को पूरा किया जाए। कहा कि पंजाब की तर्ज पर मूल वेतन पर एनपीए (नॉन प्रैक्टिस अलाउंस) हिमाचल के डॉक्टरों को दिया जाए। स्वास्थ्य निदेशक का पद विभाग डॉक्टर कैडर से ही भरा जाए। इसमें वरिष्ठ चिकित्सक को पदोन्नत किया जाए। इसके अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी के पदों पर भी डॉक्टरों को तैनात किया जाए।
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डॉक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी तब तक करने का फैसला लिया है, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं। शुक्रवार को भी चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर कार्य किया। शांतिप्रिय तरीके से चल रहे उनके आंदोलन से मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं झेलनी पड़ी। डॉक्टरों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगें शीघ्र न मानीं तो वे काम छोड़ो हड़ताल शुरू कर सकते हैं। मेडिकल अफसर एसोसिएशन के जिला महासचिव डॉक्टर करण हितैषी ने बताया कि सात माह पहले जब प्रदेश में डॉक्टरों ने मांगों को लेकर पेन डाउन हड़ताल की थी तो मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एसोसिएशन को बुलाकर उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था। सात माह बाद भी डॉक्टरों की कोई मांग पूरी नहीं हुई है। इससे प्रदेश के डॉक्टरों में सरकार के प्रति रोष है। इसके चलते डॉक्टर काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनकी मांगों को पूरा किया जाए। कहा कि पंजाब की तर्ज पर मूल वेतन पर एनपीए (नॉन प्रैक्टिस अलाउंस) हिमाचल के डॉक्टरों को दिया जाए। स्वास्थ्य निदेशक का पद विभाग डॉक्टर कैडर से ही भरा जाए। इसमें वरिष्ठ चिकित्सक को पदोन्नत किया जाए। इसके अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी के पदों पर भी डॉक्टरों को तैनात किया जाए।
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