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Chamba News: डिस्पेंसरियां खाली, इलाज की आस में भटक रहे पशुपालक

Sun, 26 Apr 2026 10:50 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sun, 26 Apr 2026 10:50 PM IST
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Dispensaries Empty; Livestock Owners Wander in Search of Treatment
हिमगिरी क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाएं बदहाल होने से पशुपालक परेशान
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एक वेटरनेरी फार्मासिस्ट के सहारे चल रहीं क्षेत्र की चार-चार डिस्पेंसरियां

संवाद न्यूज एजेंसी

चुराह (चंबा)। हिमगिरी क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाओं की बदहाल स्थिति ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे क्षेत्र की चार-चार डिस्पेंसरियां सिर्फ एक वेटरनेरी फार्मासिस्ट के सहारे चल रही हैं।
जमीन स्तर पर सुविधाएं लगभग ठप हैं। इससे पशुपालकों-किसानों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। पशु चिकित्सालय हिमगिरी के अधीन डिस्पेंसरी लाहरा, पनयोग, गुवाड़ी और तुंगला में लंबे समय से स्टाफ और अन्य संसाधनों का अभाव है। इन संस्थानों में न पर्याप्त कर्मचारी हैं और न ही दवाइयां। इससे पशुपालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों के अनुसार यह स्थिति वर्षों से चली आ रही है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो स्टाफ की नियुक्ति हो पाई है और न ही व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। पशुपालकों को मामूली उपचार के लिए भी कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
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उधर, पशुपालन विभाग के फार्मासिस्ट प्रमेश कुमार ने बताया कि दुर्गम क्षेत्र और सीमित संसाधनों के कारण सेवाएं देना चुनौतीपूर्ण है। फिर भी हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

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चार-चार डिस्पेंसरियां एक फार्मासिस्ट के भरोसे चलाना व्यवस्था की विफलता है। ऐसी स्थिति लंबे समय से है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। - ठाकुर सिंह वर्मा, खड़जोता, पूर्व उपप्रधान

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सरकारी दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। डिस्पेंसरी भवन तो बने हैं लेकिन उनमें न तो स्टाफ है और न ही सुविधाएं। यह केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। - भगत राम, पूर्व प्रधान, बणतंर

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अब स्थिति बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है। यदि जल्द सभी डिस्पेंसरी में स्टाफ और दवाइयों की व्यवस्था नहीं की गई तो क्षेत्र के लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे। - जय देव शर्मा, पशुपालक

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पशुओं के बीमार होने पर सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि इलाज कहां से करवाएं। कई बार दूर जाना पड़ता है और समय पर सुविधा नहीं मिल पाती। - ईश्वर, ग्रामीण

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