चंबा। बर्फबारी के तीन दिन बाद भी लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हो पाई हैं। जिले के 382 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। हालात यह हैं कि लोगों को सर्द रातें बिना बिजली काटनी पड़ रही हैं। लोगों के बिजली उपकरण भी महज शोपीस बने हुए हैं। इतना ही नहीं, भरमौर-पठानकोट हाईवे समेत 58 सड़कों पर यातायात व्यवस्था ठप होने से लोगों को पैदल ही बर्फ में आवाजाही करनी पड़ रही है। हालांकि, विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारी व्यवस्थाओं को सुचारु करने में जुटे हुए हैं लेकिन, अत्यधिक बर्फबारी लोगों समेत विभागीय कर्मचारियों की खूब परीक्षा ले रही है।
चंबा जिले के तहत आते 191 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हुए हैं। इनमें पांगी में 67, सलूणी में 42, तीसा में 37, भरमौर में 26 और चंबा में 15 जबकि डलहौजी में तीन और भटियात में एक ट्रांसफार्मर शामिल हैं। वहीं, भरमौर में 12, तीसा में 4, चंबा और सलूणी में 3-3 जबकि, डलहौजी में एक मार्ग यातायात के लिए बंद पड़ा हुआ है। सड़कों के बंद होने से आवाजाही करने वाले लोगों को आवाजाही करने में दिक्कत हो रही है। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर लाहल के पास अत्यधिक फिसलन होने से बसें खड़ामुख से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। वहीं, खड़ामुख-होली मार्ग पर खड़ामुख से आगे भारी भूस्खलन होने से शनिवार सुबह 9:00 बजे यातायात के लिए बंद पड़ गया। लोगों को पैदल ही मार्ग पर आवाजाही करनी पड़ी। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय मशीनरी और लेबर ने दोपहर बाद यातायात के लिए मार्ग को बहाल करवा लोगों को राहत प्रदान की।