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गुपचुप तरीके से किया लोगों को शामिल, फर्जी हस्ताक्षर कर निकाला विकास का पैसा
Updated Mon, 04 Sep 2017 10:40 PM IST
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चुवाड़ी (चंबा)। भटियात उपमंडल के तहत ग्राम पंचायत काहरी के वार्ड बन्नी, दुमेला और कुलवाड़ा में भू संरक्षण कार्यों में हुआ करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े में बड़ा खुलासा हुआ है। इस पूरे गड़बड़झाले में संलिप्त समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने ऐसे लोगों के नाम पर विकास का पैसा निकलवा लिया, जिन्हें समिति के कुछेक पदाधिकारियों ने गुपचुप तरीके से शामिल कर लिया। शामिल किए गए सदस्यों को बताना भी जरूरी नहीं समझा।
प्रोटेक्शन वर्क के कार्यों के लिए जारी हुए लाखों रुपये की राशि को समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने सांठगांठ कर निकाल लिया। सूचना के अधिकार से जानकारी हासिल करने के बाद उत्तम चंद, नंद लाल, अशोक कुमार, ओम प्रकाश, काशी राम, कस्तूरी लाल, छिंजू राम व दुनी चंद समिति में अपने नाम देखकर हैरान हैं। इन लोगों ने तहसीलदार को शपथ पत्र सौंपकर बताया है कि उन्हेें समिति में शामिल किया गया था। लेकिन, इस बात की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। समिति के अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों ने भू संरक्षण अधिकारियों व कर्मचारियों से सांठगांठ कर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। फर्जी हस्ताक्षर कर विकास कार्यों के लिए जारी हुई राशि समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने निकाली है। विकास को लेकर जारी हुई इस राशि को समिति ने निकाला तो जरूर। लेकिन विकास कार्यों के लिए खर्च नहीं किया। इस पूरे मामले को लेकर वे उपायुक्त, एसडीएम भटियात व विजिलेंस से भी पत्राचार कर चुुके हैं। उपायुक्त कार्यालय की ओर से इस मामले को लेकर रिप्लाई आया है। इसमें समिति के पदाधिकारियों व भू-संरक्षण विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच करने व रिपोर्ट सौंपने के निर्देश मिले हैं।
घोटाले को लेकर पंचायत में हड़कंप मच गया है। समिति के पदाधिकारी अब इस गड़बड़झाले को अंजाम देने के बाद अब इससे निकलने के लिए सुरक्षित राह तलाश रहे हैं। जबकि इस मामले में सोमवार को फर्जी हस्ताक्षर व बिना सूचना दिए दस लोगों को शामिल करने की बात का खुलासा हुआ है।
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एक साल बाद मिली आरटीआई
इस मामले को लेकर उक्त व्यक्तियों ने आरटीआई का सहारा लिया। लेकिन, आरटीआई से सूचना मिलने में भी एक साल का समय लग गया। भू संरक्षण विभाग आरटीआई देने के लिए आनाकानी कर रहा था। लेकिन, अब जब लोगों के हाथ आरटीआई आ गई तो इसमें गड़बड़झाले की सभी परतें खुलना शुरू हो गई हैं।
मामले की जांच करवाई जाएगी: उपायुक्त
उपायुक्त सुदेश मोख्टा का कहना है कि इस मामले की जांच की जाएगी और बीडीओ भटियात को जांच अधिकारी बनाया जाएगा। कहा कि विकास में धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही फर्जी हस्ताक्षर कर पैसे निकलवाने के मामले की भी गहनता से छानबीन की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रोटेक्शन वर्क के कार्यों के लिए जारी हुए लाखों रुपये की राशि को समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने सांठगांठ कर निकाल लिया। सूचना के अधिकार से जानकारी हासिल करने के बाद उत्तम चंद, नंद लाल, अशोक कुमार, ओम प्रकाश, काशी राम, कस्तूरी लाल, छिंजू राम व दुनी चंद समिति में अपने नाम देखकर हैरान हैं। इन लोगों ने तहसीलदार को शपथ पत्र सौंपकर बताया है कि उन्हेें समिति में शामिल किया गया था। लेकिन, इस बात की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। समिति के अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों ने भू संरक्षण अधिकारियों व कर्मचारियों से सांठगांठ कर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए हैं। फर्जी हस्ताक्षर कर विकास कार्यों के लिए जारी हुई राशि समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने निकाली है। विकास को लेकर जारी हुई इस राशि को समिति ने निकाला तो जरूर। लेकिन विकास कार्यों के लिए खर्च नहीं किया। इस पूरे मामले को लेकर वे उपायुक्त, एसडीएम भटियात व विजिलेंस से भी पत्राचार कर चुुके हैं। उपायुक्त कार्यालय की ओर से इस मामले को लेकर रिप्लाई आया है। इसमें समिति के पदाधिकारियों व भू-संरक्षण विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच करने व रिपोर्ट सौंपने के निर्देश मिले हैं।
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घोटाले को लेकर पंचायत में हड़कंप मच गया है। समिति के पदाधिकारी अब इस गड़बड़झाले को अंजाम देने के बाद अब इससे निकलने के लिए सुरक्षित राह तलाश रहे हैं। जबकि इस मामले में सोमवार को फर्जी हस्ताक्षर व बिना सूचना दिए दस लोगों को शामिल करने की बात का खुलासा हुआ है।
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एक साल बाद मिली आरटीआई
इस मामले को लेकर उक्त व्यक्तियों ने आरटीआई का सहारा लिया। लेकिन, आरटीआई से सूचना मिलने में भी एक साल का समय लग गया। भू संरक्षण विभाग आरटीआई देने के लिए आनाकानी कर रहा था। लेकिन, अब जब लोगों के हाथ आरटीआई आ गई तो इसमें गड़बड़झाले की सभी परतें खुलना शुरू हो गई हैं।
मामले की जांच करवाई जाएगी: उपायुक्त
उपायुक्त सुदेश मोख्टा का कहना है कि इस मामले की जांच की जाएगी और बीडीओ भटियात को जांच अधिकारी बनाया जाएगा। कहा कि विकास में धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही फर्जी हस्ताक्षर कर पैसे निकलवाने के मामले की भी गहनता से छानबीन की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।