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जिला में निजी भूमि पर भांग की खेती करने पर होगी दस साल की जेल
Updated Wed, 26 Sep 2018 10:45 PM IST
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निजी भूमि पर भांग की खेती करने पर होगी दस साल की सजा
जिलें में संबंधित क्षेत्र का अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि भी होगा उत्तरदायी
भांग की खेती की सूचना देने के लिए पुलिस ने जारी किए व्हाट्सऐप नंबर
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। निजी भूमि में भांग की खेती करते हुए पकड़े जाने पर एक लाख जुर्माना और दस वर्ष का कारावास हो सकता है। निजी भूमि पर भांग की खेती करना कानूनन अपराध है। निजी भूमि में भांग की खेती करने वालों के खिलाफ जिले में पुलिस ने विशेष अभियान छेड़ दिया है। अब पुलिस ऐसे क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी। जहां पर निजी भूमि पर भांग की खेती हुई। जिस व्यक्ति की वह भूमि होगी। उसके खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 20 के अंतर्गत मामला दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा जिस अधिकारी और कर्मचारी के अधीन वह क्षेत्र आता होगा, उसे भांग की खेती की जानकारी पुलिस को देनी होगी। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ भी पुलिस की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में पंचायत प्रतिनिधि भी अछूूते नहीं है। पंचायत प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में भांग की खेती की स्थिति के बारे में पुलिस को बताना होगा। अनधिकृत तौर पर की गई भांग, अफीम और पोस्त की खेती के बारे में सूचना देना प्रत्येक प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी का कर्तव्य है। मादक द्रव्य अधिनियम 1985 की धारा 47 के अनुसार शासन का कोई भी अधिकारी और प्रत्येक वार्ड पंच, सरपंच या किसी भी विवरण का अन्य ग्राम अधिकारी अगर उसके ज्ञान में यह आता है कि किसी भूमि पर अफीम, पोस्त, भांग की खेती की जा रही है, तो उसकी तत्काल सूचना पुलिस या धारा 42 में उलेखित अन्य किसी अधिकारी को देने का उत्तरदायी होगा। अगर वह सूचना नहीं देते हैं तो उसे मादक द्रव्य अधिनियम 1985 के अंतर्गत एक वर्ष की अवधि के कारावास या जुर्माने से या दोनों से दंडित किया जा सकता है। पुलिस ने भांग की खेती की सूचना देने के लिए मोबाइल पर व्हाट्ऐप नंबर 8628873115 भी जारी किया है। इसमें किसी भी नशीले पदार्थों की तस्करी के बारे में सूचना दी जा सकती है।
भांग की खेती खत्म करने को छेड़ा अभियान: डॉ. मोनिका
जिला में भांग की खेती को जड़ से खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है। निजी भूमि में भांग की खेती नजर आने पर भूमि के मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके अलावा जिस अधिकारी के अधीन वह क्षेत्र आता है, वह भी इसके लिए उत्तरदायी होगा।
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जिलें में संबंधित क्षेत्र का अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि भी होगा उत्तरदायी
भांग की खेती की सूचना देने के लिए पुलिस ने जारी किए व्हाट्सऐप नंबर
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। निजी भूमि में भांग की खेती करते हुए पकड़े जाने पर एक लाख जुर्माना और दस वर्ष का कारावास हो सकता है। निजी भूमि पर भांग की खेती करना कानूनन अपराध है। निजी भूमि में भांग की खेती करने वालों के खिलाफ जिले में पुलिस ने विशेष अभियान छेड़ दिया है। अब पुलिस ऐसे क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी। जहां पर निजी भूमि पर भांग की खेती हुई। जिस व्यक्ति की वह भूमि होगी। उसके खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 20 के अंतर्गत मामला दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा जिस अधिकारी और कर्मचारी के अधीन वह क्षेत्र आता होगा, उसे भांग की खेती की जानकारी पुलिस को देनी होगी। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ भी पुलिस की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में पंचायत प्रतिनिधि भी अछूूते नहीं है। पंचायत प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में भांग की खेती की स्थिति के बारे में पुलिस को बताना होगा। अनधिकृत तौर पर की गई भांग, अफीम और पोस्त की खेती के बारे में सूचना देना प्रत्येक प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी का कर्तव्य है। मादक द्रव्य अधिनियम 1985 की धारा 47 के अनुसार शासन का कोई भी अधिकारी और प्रत्येक वार्ड पंच, सरपंच या किसी भी विवरण का अन्य ग्राम अधिकारी अगर उसके ज्ञान में यह आता है कि किसी भूमि पर अफीम, पोस्त, भांग की खेती की जा रही है, तो उसकी तत्काल सूचना पुलिस या धारा 42 में उलेखित अन्य किसी अधिकारी को देने का उत्तरदायी होगा। अगर वह सूचना नहीं देते हैं तो उसे मादक द्रव्य अधिनियम 1985 के अंतर्गत एक वर्ष की अवधि के कारावास या जुर्माने से या दोनों से दंडित किया जा सकता है। पुलिस ने भांग की खेती की सूचना देने के लिए मोबाइल पर व्हाट्ऐप नंबर 8628873115 भी जारी किया है। इसमें किसी भी नशीले पदार्थों की तस्करी के बारे में सूचना दी जा सकती है।
भांग की खेती खत्म करने को छेड़ा अभियान: डॉ. मोनिका
जिला में भांग की खेती को जड़ से खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है। निजी भूमि में भांग की खेती नजर आने पर भूमि के मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके अलावा जिस अधिकारी के अधीन वह क्षेत्र आता है, वह भी इसके लिए उत्तरदायी होगा।
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