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Chamba News: मलेरिया से मुक्त होने की दहलीज पर चंबा, आठ साल में एक भी मामला नहीं
Sat, 25 Apr 2026 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 25 Apr 2026 10:43 PM IST
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जल्द मिल सकता है मलेरिया मुक्त जिला होने का प्रमाण पत्र, रंग लाए विभाग के प्रयास
लोगों को समय-समय पर जागरूकता का पाठ पढ़ा रहा स्वास्थ्य विभाग
लोगों को सलाह- घर के आस पास गंदा पानी न ठहरने दें, सफाई का रखें ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। आकांक्षी जिले को जल्द मलेरिया मुक्त जिले का प्रमाण पत्र मिल सकता है। पिछले आठ सालों में एक भी मलेरिया का केस दर्ज नहीं हुआ है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग का फील्ड स्टाफ बधाई का पात्र है।
मलेरिया अकसर ठहरे हुए गंदे पानी के कारण फैलता है। इसमें मलेरिया का मच्छर पनपता है। यह इंसान को जब काटता है तो मलेरिया होता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग गर्मी का सीजन शुरू होते ही लोगों को गांव स्तर पर जागरूक करने में डट जाता है। बताया जाता है कि अपने आस-पास पानी न ठहरने दें। पुराने टायरों और बर्तनों में यह पानी ज्यादा दिनों तक टिक सकता है। सभी मच्छर इस बीमारी को नहीं फैला सकते। केवल मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक परजीवी के कारण ऐसा होता है। यह मुख्य रूप से संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से मनुष्यों में फैलता है। जब संक्रमित मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है, तो यह परजीवी रक्तप्रवाह के माध्यम से लीवर और फिर लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश कर संक्रमण फैलाते हैं।
आकांक्षी जिले में भले ही स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी सुदृढ़ न हों लेकिन आठ सालों में एक भी मलेरिया का केस न आना जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। जिले में कई ऐसे ग्रामीण क्षेत्र हैं जहां अभी तक न तो बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और न ही सड़क की सुविधाएं हैं। ऐसे इलाकों में इस बीमारी के फैलने का खतरा भी अधिक रहता है। विभाग की जागरूकता के कारण अभी तक जिले में एक भी केस आठ सालों में नहीं आया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने बताया कि गर्मी का सीजन शुरू हो चुका है, इसलिए आशा वर्कर लोगों के घरों में जाकर जागरूकता फैला रही हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज ने बताया कि सरकार चंबा को जल्द मलेरिया मुक्त जिला घोषित कर सकती है। पिछले आठ सालों में यहां मलेरिया का एक भी केस दर्ज नहीं हुआ है। विभाग लोगों को जागरूक करने में हर संभव प्रयास करता है।
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लोगों को समय-समय पर जागरूकता का पाठ पढ़ा रहा स्वास्थ्य विभाग
लोगों को सलाह- घर के आस पास गंदा पानी न ठहरने दें, सफाई का रखें ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। आकांक्षी जिले को जल्द मलेरिया मुक्त जिले का प्रमाण पत्र मिल सकता है। पिछले आठ सालों में एक भी मलेरिया का केस दर्ज नहीं हुआ है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग का फील्ड स्टाफ बधाई का पात्र है।
मलेरिया अकसर ठहरे हुए गंदे पानी के कारण फैलता है। इसमें मलेरिया का मच्छर पनपता है। यह इंसान को जब काटता है तो मलेरिया होता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग गर्मी का सीजन शुरू होते ही लोगों को गांव स्तर पर जागरूक करने में डट जाता है। बताया जाता है कि अपने आस-पास पानी न ठहरने दें। पुराने टायरों और बर्तनों में यह पानी ज्यादा दिनों तक टिक सकता है। सभी मच्छर इस बीमारी को नहीं फैला सकते। केवल मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक परजीवी के कारण ऐसा होता है। यह मुख्य रूप से संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से मनुष्यों में फैलता है। जब संक्रमित मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है, तो यह परजीवी रक्तप्रवाह के माध्यम से लीवर और फिर लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश कर संक्रमण फैलाते हैं।
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आकांक्षी जिले में भले ही स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी सुदृढ़ न हों लेकिन आठ सालों में एक भी मलेरिया का केस न आना जिले के लोगों के लिए अच्छी खबर है। जिले में कई ऐसे ग्रामीण क्षेत्र हैं जहां अभी तक न तो बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और न ही सड़क की सुविधाएं हैं। ऐसे इलाकों में इस बीमारी के फैलने का खतरा भी अधिक रहता है। विभाग की जागरूकता के कारण अभी तक जिले में एक भी केस आठ सालों में नहीं आया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने बताया कि गर्मी का सीजन शुरू हो चुका है, इसलिए आशा वर्कर लोगों के घरों में जाकर जागरूकता फैला रही हैं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज ने बताया कि सरकार चंबा को जल्द मलेरिया मुक्त जिला घोषित कर सकती है। पिछले आठ सालों में यहां मलेरिया का एक भी केस दर्ज नहीं हुआ है। विभाग लोगों को जागरूक करने में हर संभव प्रयास करता है।