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केंद्र सरकार कंगाल करने की तैयारी में : जरियाल
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कहा-कर्मचारियोयं के लिए यूपीएस से तो एनपीएस बेहतर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एनपीएसईए चंबा के जिला अध्यक्ष सुनील जरियाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले कर्मचारियों को एनपीएस के नाम पर लूटा और अब यूपीएस के नाम पर कंगाल करने की तैयारी में दिख रही है। उन्होंने कहा कि यूपीएस से तो एनपीएस बेहतर है लेकिन, इसमें ओपीएस का कोई भी विकल्प कर्मचारियों को मंजूर नहीं है। केंद्र सरकार ने एक अप्रैल 2025 से यूपीएस को लागू करने की अधिसूचना जारी की है। इसका पूरे देश में विरोध शुरू हो गया है l हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के लिए वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही ओपीएस बहाली की है जबकि, केंद्र सरकार अब कर्मचारियों को ओपीएस बहाली करने के बजाय यूपीएस से कंगाल करने की तैयारी में है l उन्होंने बताया कि एनपीएस में सेवानिवृत्ति पर 60 प्रतिशत राशि वापस मिल जाती है जबकि, यूपीएस में पूरे जीवन की जमा पूंजी को छोड़ना पड़ेगा। कहा कि जिन कर्मचारियों की खून पसीने की करोड़ों की राशि होगी, उसे न देकर 50 प्रतिशत का लालच देकर कर्मचारियों को लूटने का नया प्लान बनाया गया है। इसका समस्त कर्मचारी वर्ग विरोध कर रहे हैं। 50 प्रतिशत पेंशन भी तब मिलेगी, जब कर्मचारी 25 वर्ष की नियमित सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त होगा l कहा कि स्वेच्छापूर्वक सेवानिवृत्ति की स्थिति में तो स्थिति और भी बुरी है। कर्मचारी को कम से कम 25 साल सेवाएं देनी होंगी, तभी वह इसके लिए पात्र होगा l उन्होंने कहा कि इससे पहले नौकरी छोड़ने पर उनका नुकसान होगा l कुल मिलाकर कर्मचारी वर्ग के लिए ओपीएस ही हितकारी है। प्रधानमंत्री को पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल और समस्त सांसदों पर भी एक अप्रैल 2025 से ओपीएस के स्थान पर यूपीएस लागू करना चाहिए, तभी एक देश एक चुनाव एक संविधान और एक पेंशन का उदाहरण स्थापित होगा अन्यथा कर्मचारियों को ठगने की नाकाम कोशिश केंद्र सरकार को नहीं करनी चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एनपीएसईए चंबा के जिला अध्यक्ष सुनील जरियाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले कर्मचारियों को एनपीएस के नाम पर लूटा और अब यूपीएस के नाम पर कंगाल करने की तैयारी में दिख रही है। उन्होंने कहा कि यूपीएस से तो एनपीएस बेहतर है लेकिन, इसमें ओपीएस का कोई भी विकल्प कर्मचारियों को मंजूर नहीं है। केंद्र सरकार ने एक अप्रैल 2025 से यूपीएस को लागू करने की अधिसूचना जारी की है। इसका पूरे देश में विरोध शुरू हो गया है l हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के लिए वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही ओपीएस बहाली की है जबकि, केंद्र सरकार अब कर्मचारियों को ओपीएस बहाली करने के बजाय यूपीएस से कंगाल करने की तैयारी में है l उन्होंने बताया कि एनपीएस में सेवानिवृत्ति पर 60 प्रतिशत राशि वापस मिल जाती है जबकि, यूपीएस में पूरे जीवन की जमा पूंजी को छोड़ना पड़ेगा। कहा कि जिन कर्मचारियों की खून पसीने की करोड़ों की राशि होगी, उसे न देकर 50 प्रतिशत का लालच देकर कर्मचारियों को लूटने का नया प्लान बनाया गया है। इसका समस्त कर्मचारी वर्ग विरोध कर रहे हैं। 50 प्रतिशत पेंशन भी तब मिलेगी, जब कर्मचारी 25 वर्ष की नियमित सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त होगा l कहा कि स्वेच्छापूर्वक सेवानिवृत्ति की स्थिति में तो स्थिति और भी बुरी है। कर्मचारी को कम से कम 25 साल सेवाएं देनी होंगी, तभी वह इसके लिए पात्र होगा l उन्होंने कहा कि इससे पहले नौकरी छोड़ने पर उनका नुकसान होगा l कुल मिलाकर कर्मचारी वर्ग के लिए ओपीएस ही हितकारी है। प्रधानमंत्री को पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल और समस्त सांसदों पर भी एक अप्रैल 2025 से ओपीएस के स्थान पर यूपीएस लागू करना चाहिए, तभी एक देश एक चुनाव एक संविधान और एक पेंशन का उदाहरण स्थापित होगा अन्यथा कर्मचारियों को ठगने की नाकाम कोशिश केंद्र सरकार को नहीं करनी चाहिए।