{"_id":"6a4007d99d4dfc498e0812ca","slug":"baroh-village-grappling-with-a-drinking-water-crisis-for-a-week-chamba-news-c-88-1-cmb1014-188038-2026-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: एक सप्ताह से पेयजल संकट से जूझ रहा बड़ोह गांव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: एक सप्ताह से पेयजल संकट से जूझ रहा बड़ोह गांव
Sat, 27 Jun 2026 10:58 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 27 Jun 2026 10:58 PM IST
विज्ञापन
गांव बड़ोह की महिलाएं खाली बर्तन लिए पानी आने के इंतजार में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण
120 से अधिक की आबादी को उठानी पड़ रहीं दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। पंचायत बगढार के तहत बड़ोह गांव एक सप्ताह से पेयजल संकट का सामना कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में आठ दिन से नलों में पानी की आपूर्ति ठप है जिससे लोगों के साथ पशुधन के सामने भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
रमेश कुमार, जोगिंदर सिंह, रोशन लाल, बाबू राम, नाथो राम, महिंद्रा देवी, सीमा देवी, सोनिया सहित अन्य लोगों ने बताया कि गांव की आबादी 120 से अधिक है। अधिकांश परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं। लगभग इतनी ही संख्या में पशु भी हैं। ऐसे में पानी की आपूर्ति बंद होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को डेढ़ किलोमीटर दूर पहाड़ी रास्तों से पानी लाना पड़ रहा है। पशुओं के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि धारद के लिए बनी पेयजल योजना में उनके गांव को शामिल नहीं किया था। चौहड़ा बांध से आने वाली पेयजल योजना में भी बड़ोह गांव शामिल नहीं है। इस कारण आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने मांग की है कि गांव को चौहड़ा पेयजल योजना से जोड़ा जाए।
विज्ञापन
जलशक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता कर्म चंद ने बताया कि पानी की आपूर्ति बाधित होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान कर गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
-- -- -
आठ दिन से न तो पशुओं के लिए पानी मिल रहा है और न ही घरों में नल से पेयजल की आपूर्ति हो रही है। - रमेश कुमार
--
पीने के लिए भी पानी नहीं है। डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी ढो रहे हैं। इससे मजदूरी करने वाले लोगों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है। - बाबू राम
--
पानी की किल्लत के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खाना बनाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिला रहा। - रोशन लाल
--
यह समस्या एक सप्ताह से बनी हुई है। विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा। कई घरों में पीने तक का पानी नहीं बचा है। - नाथो राम
--
विज्ञापन
120 से अधिक की आबादी को उठानी पड़ रहीं दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। पंचायत बगढार के तहत बड़ोह गांव एक सप्ताह से पेयजल संकट का सामना कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में आठ दिन से नलों में पानी की आपूर्ति ठप है जिससे लोगों के साथ पशुधन के सामने भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
रमेश कुमार, जोगिंदर सिंह, रोशन लाल, बाबू राम, नाथो राम, महिंद्रा देवी, सीमा देवी, सोनिया सहित अन्य लोगों ने बताया कि गांव की आबादी 120 से अधिक है। अधिकांश परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं। लगभग इतनी ही संख्या में पशु भी हैं। ऐसे में पानी की आपूर्ति बंद होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को डेढ़ किलोमीटर दूर पहाड़ी रास्तों से पानी लाना पड़ रहा है। पशुओं के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि धारद के लिए बनी पेयजल योजना में उनके गांव को शामिल नहीं किया था। चौहड़ा बांध से आने वाली पेयजल योजना में भी बड़ोह गांव शामिल नहीं है। इस कारण आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने मांग की है कि गांव को चौहड़ा पेयजल योजना से जोड़ा जाए।
विज्ञापन
जलशक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता कर्म चंद ने बताया कि पानी की आपूर्ति बाधित होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान कर गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
आठ दिन से न तो पशुओं के लिए पानी मिल रहा है और न ही घरों में नल से पेयजल की आपूर्ति हो रही है। - रमेश कुमार
पीने के लिए भी पानी नहीं है। डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी ढो रहे हैं। इससे मजदूरी करने वाले लोगों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है। - बाबू राम
पानी की किल्लत के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खाना बनाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिला रहा। - रोशन लाल
यह समस्या एक सप्ताह से बनी हुई है। विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा। कई घरों में पीने तक का पानी नहीं बचा है। - नाथो राम