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बरसात के मौसम में नदी-नालों में रेत निकालने पर लगाई पाबंदी
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चंबा। जिला चंबा में बरसात के मौसम के चलते सभी खनन पट्टों पर खनन के लिए दो महीनों तक रोक लगाई गई है। 12 सितंबर के बाद ही खनन पट्टा धारक नदी से रेत निकाल पाएंगे। इसके लिए खनन विभाग ने सभी खनन पट्टा धारकों को आदेश भी जारी कर दिए हैं। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ खनन विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। जिला चंबा में खनन विभाग की ओर से राजपुरा, कंदला व डलहौजी में खनन करने के लिए खनन पट्टे जारी किए हैं। इसके अलावा अन्य किसी भी स्थान पर खनन करने की अनुमति नहीं है। बरसात के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर काफी अधिक होता है। ऐसे में खनन विभाग की ओर से दो महीनों के लिए खनन पर पूर्ण रूप से रोक लगाई गई है। खनन पट्टा धारक केवल स्टॉक से ही रेत व बजरी की सप्लाई कर सकते हैं। नदी व नालों से ताजा रेत नहीं निकाल सकते हैं। विभाग की टीमें नियमित रूप से उपरोक्त स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
स्थानीय लोग भी इसकी सूचना विभाग को दे सकते हैं। मानसून सत्र में अवैध खनन का मामला उछलने पर उद्योग मंत्री ने सदन में इस बात को साफ किया था कि बरसात के मौसम में किसी प्रकार से माइनिंग नहीं की जा सकती। इसके लिए विभाग को कड़े आदेश जारी किए गए हैं। बरसात खत्म होने के बाद खनन पट्टा धारक नियमानुसार नदी-नालों से रेत निकाल सकते हैं।
जिला खनन अधिकारी ज्योति पुरी ने बताया कि दो महीनों के लिए नदी-नालों से रेत निकालने पर पाबंदी लगाई गई है। इसके लिए खनन पट्टा धारकों को सूचित किया जा चुका है। 12 सितंबर के बाद यह पाबंदी हटा दी जाएगी। आदेशों की अवहेलना करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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स्थानीय लोग भी इसकी सूचना विभाग को दे सकते हैं। मानसून सत्र में अवैध खनन का मामला उछलने पर उद्योग मंत्री ने सदन में इस बात को साफ किया था कि बरसात के मौसम में किसी प्रकार से माइनिंग नहीं की जा सकती। इसके लिए विभाग को कड़े आदेश जारी किए गए हैं। बरसात खत्म होने के बाद खनन पट्टा धारक नियमानुसार नदी-नालों से रेत निकाल सकते हैं।
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जिला खनन अधिकारी ज्योति पुरी ने बताया कि दो महीनों के लिए नदी-नालों से रेत निकालने पर पाबंदी लगाई गई है। इसके लिए खनन पट्टा धारकों को सूचित किया जा चुका है। 12 सितंबर के बाद यह पाबंदी हटा दी जाएगी। आदेशों की अवहेलना करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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