{"_id":"5ab647934f1c1b01768b711e","slug":"181521895315-chamba-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षकों ने स्थानांतरण अधिनियम का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षकों ने स्थानांतरण अधिनियम का किया विरोध
Updated Sat, 24 Mar 2018 10:25 PM IST
विज्ञापन
protest shimla
- फोटो : demo pics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
चंबा। जिला मुख्यालय में जिले के सभी शिक्षक संघों ने शनिवार को संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सरकार के प्रस्तावित शिक्षकों के स्थानांतरण अधिनियम 2018 का विरोध किया गया। सभी शिक्षक संघों के पदाधिकारियों ने कहा कि इस अधिनियम को लागू करने से पहले शिक्षक संघों को विश्वास में लेना जरूरी है। सरकार बिना चर्चा के आनन-फानन में अधिनियम को लागू करने का प्रयास न करें।
पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों की अपेक्षा अलग है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए स्थानांतरण अधिनियम ही एक उपाय नहीं है। शिक्षा में गुणवत्ता शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखकर ही की जा सकती है। जबकि शोषण कर शिक्षा गुणवत्ता बेहतर नहीं हो सकती। समस्त शिक्षक संघों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि स्थानांतरण अधिनियम प्रदेश के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बनाया जाए। इसका शिक्षक संघ स्वागत करेंगे।
विज्ञापन
अगर सरकार केवल शिक्षक वर्ग के लिए यह अधिनियम लागू करती है तो यह उचित नहीं होगा। संगठनों ने सरकार को सुझाव दिया है कि सरकार स्थानांतरण अधिनियम के स्थान पर एक पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाए।
विज्ञापन
इस मौके पर राजकीय अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष हरी प्रसाद, हिमाचल राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष रमेश बिजलवान, हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश सचिव मुकेश शर्मा, हिमाचल प्रदेश अध्यापक संघ की राज्य महिला अध्यक्ष कविता बिजलवान, सीएंडवी अध्यापक संघ के प्रधान चत्तर सिंह, हिमाचल प्रदेश संस्कृत शिक्षक परिषद संघ अध्यक्ष हेम सिंह, हिमाचल प्रदेश कला अध्यापक संघ के अध्यक्ष नीरज कुमार, विज्ञान अध्यापक संघ के अध्यक्ष राजीव राठौर समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले सभी पदाधिकारियों ने एसी टू डीसी चंबा के माध्यम से एक ज्ञापन भी राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भेजा।