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रामापा भैड़ोई एक साल से चल रही एक अध्यापक के सहारे
Updated Sat, 17 Feb 2018 10:20 PM IST
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भैड़ोई स्कूल में पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को पढ़ा रहा एक शिक्षक
सरकार ने स्कूल का दर्जा तो बढ़ाया, मगर शिक्षकों की नहीं हुई तैनाती
अभिभावकों और एसएमसी ने लगाई सरकार से पद भरने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
तेलका (चंबा)। राजकीय माध्यमिक पाठशाला भैड़ोई मात्र एक अध्यापक के सहारे चल रहा है। हैरानी इस बात की है कि स्कूल का दर्जा बढ़कर मिडल स्कूल कर दिया गया है। मगर आज तक स्कूल में शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है। स्कूल के अपग्रेड होने से भैड़ोई, मटूण, विरोला, गडेण , गडण , मिटेना, सेरू और चिरोटी आदि गांवों के बच्चों को आठवीं कक्षा तक की शिक्षा घर-द्वार मिलने की उम्मीद जागी थी। मगर शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होक रही है। वर्तमान में भैड़ोई स्कूल में छठी से आठवीं तक 28 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनको पढ़ाने का जिम्मा एक ही अध्यापक के पास है।
स्कूल में टीजीटी आर्ट्स और टीजीटी नॉन मेडिकल अध्यापक के महत्वपूर्ण विषयों के पद खाली चल रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष चमारू राम सहित अभिभावक नंद लाल, विपिन कुमार, सुरेन्द्र कुमार, दीप कुमार, चमन सिंह, गगन सिंह, प्रह्लाद कुमार, रेलमो देवी, मीनू कुमारी, नीलमा देवी, कमलो देवी, घिंद्रो राम, राजेश कुमार और अमरू राम का कहना है कि स्कूल में अध्यापकों के पद खाली होने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। कई बार इस संबंध में सरकार और शिक्षा विभाग से आग्रह किया जा चुका है। मगर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की है कि माध्यमिक स्कूल भैड़ोई में खाली पड़े अध्यापक के पदों को भरा जाए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल तेलका के प्रधानाचार्य अरुण शर्मा का कहना है कि उनके क्लस्टर में आने वाले भैड़ोई स्कूल में खाली चल रहे अध्यापक के पदों का ब्योरा विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
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सरकार ने स्कूल का दर्जा तो बढ़ाया, मगर शिक्षकों की नहीं हुई तैनाती
अभिभावकों और एसएमसी ने लगाई सरकार से पद भरने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
तेलका (चंबा)। राजकीय माध्यमिक पाठशाला भैड़ोई मात्र एक अध्यापक के सहारे चल रहा है। हैरानी इस बात की है कि स्कूल का दर्जा बढ़कर मिडल स्कूल कर दिया गया है। मगर आज तक स्कूल में शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है। स्कूल के अपग्रेड होने से भैड़ोई, मटूण, विरोला, गडेण , गडण , मिटेना, सेरू और चिरोटी आदि गांवों के बच्चों को आठवीं कक्षा तक की शिक्षा घर-द्वार मिलने की उम्मीद जागी थी। मगर शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होक रही है। वर्तमान में भैड़ोई स्कूल में छठी से आठवीं तक 28 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनको पढ़ाने का जिम्मा एक ही अध्यापक के पास है।
स्कूल में टीजीटी आर्ट्स और टीजीटी नॉन मेडिकल अध्यापक के महत्वपूर्ण विषयों के पद खाली चल रहे हैं। स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष चमारू राम सहित अभिभावक नंद लाल, विपिन कुमार, सुरेन्द्र कुमार, दीप कुमार, चमन सिंह, गगन सिंह, प्रह्लाद कुमार, रेलमो देवी, मीनू कुमारी, नीलमा देवी, कमलो देवी, घिंद्रो राम, राजेश कुमार और अमरू राम का कहना है कि स्कूल में अध्यापकों के पद खाली होने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। कई बार इस संबंध में सरकार और शिक्षा विभाग से आग्रह किया जा चुका है। मगर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की है कि माध्यमिक स्कूल भैड़ोई में खाली पड़े अध्यापक के पदों को भरा जाए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल तेलका के प्रधानाचार्य अरुण शर्मा का कहना है कि उनके क्लस्टर में आने वाले भैड़ोई स्कूल में खाली चल रहे अध्यापक के पदों का ब्योरा विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
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