{"_id":"5d24bba98ebc3e6cb8324287","slug":"15626883988-chamba-news104","type":"story","status":"publish","title_hn":"चमेरा चरण तीन परियोजना के प्रभावितों का हो पुनर्वास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चमेरा चरण तीन परियोजना के प्रभावितों का हो पुनर्वास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा। जिले के तहत चमेरा तीन के मौखरी गांव के विस्थापितों का पुनर्वास करने की मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला। उन्होंने बताया कि चमेरा जल विद्युत परियोजना चरण तीन धरवाला का निर्माण कार्य वर्ष 2012 में पूरा किया गया और जैसे ही निर्माण कार्य पूरा हुआ तो टनल में पानी भरना शुरू किया गया। नौ अप्रैल 2012 को सार्ज साफ्ट की टनल में भारी रिसाव शुरू हो गया। इससे गांव मोखरी, सुगाड़ी और चुवाड़ी पुल के लोगों के दुकानें और मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
एनएचपीसी ने घरों और दुकानों का अधिग्रहण तो कर लिया। लेकिन ग्रामीणों को पुनर्वास नहीं हो पाया है। इस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र के लोगों का पुनर्वास किया जाए। जिससे उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न पेश आए। प्रतिनिधिमंडल में ललित ठाकुर, रोहित गुप्ता, कर्म देव, जगदीश और अशोक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
एनएचपीसी ने घरों और दुकानों का अधिग्रहण तो कर लिया। लेकिन ग्रामीणों को पुनर्वास नहीं हो पाया है। इस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि क्षेत्र के लोगों का पुनर्वास किया जाए। जिससे उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न पेश आए। प्रतिनिधिमंडल में ललित ठाकुर, रोहित गुप्ता, कर्म देव, जगदीश और अशोक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन