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बजट के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
Updated Fri, 02 Feb 2018 09:52 PM IST
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सीटू ने बजट के विरोध में की नारेबाजी
कहा, केंद्रीय बजट में आम जनता के हितों का नहीं रखा गया ख्याल
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। केंद्र सरकार के बजट को लेकर शुक्रवार को सीटू ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने केंद्रीय बजट को आम लोगों के हितों के खिलाफ बताया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इससे पूर्व सीटू कार्यकर्त्ताओं ने सर्किट हाउस से लेकर टैक्सी स्टैंड तक रैली निकाली।
सीटू की जिला महासचिव सुदेश ठाकुर ने बताया कि वित्त मंत्री ने बजट में पूंजीपतियों और उद्योगपतियों को ही लाभ दिया है। जबकि आम जनता को कोई लाभ नहीं मिला है। देश के करोड़ों मजदूरों ने इस बजट पर अपनी निगाहें टिका रखी थीं। लेकिन, सरकार ने बजट में तमाम मजदूरों की आशाओं पर पानी फेर दिया है। भाजपा के घोषणापत्र को देखकर लोगों ने भारी बहुमत से केंद्र में भाजपा की सरकार बनाई थी।
भाजपा ने महंगाई कम करने के साथ दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था। जिसे सरकार पूरा नहीं कर पाई। मिड-डे मील वर्कर, आशा वर्कर सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतन मिलना चाहिए। जिसे देने में सरकार आनाकानी कर रही है। इन कर्मचारियों को महंगाई के दौर में एक हजार से लेकर तीन हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है। इससे परिवार का पालन-पोषण करने में परेशानी हो रही है। सरकार ने अगर बजट में संशोधन नहीं किया तो सीटू तमाम मजदूरों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ेगी।
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कहा, केंद्रीय बजट में आम जनता के हितों का नहीं रखा गया ख्याल
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। केंद्र सरकार के बजट को लेकर शुक्रवार को सीटू ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने केंद्रीय बजट को आम लोगों के हितों के खिलाफ बताया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इससे पूर्व सीटू कार्यकर्त्ताओं ने सर्किट हाउस से लेकर टैक्सी स्टैंड तक रैली निकाली।
सीटू की जिला महासचिव सुदेश ठाकुर ने बताया कि वित्त मंत्री ने बजट में पूंजीपतियों और उद्योगपतियों को ही लाभ दिया है। जबकि आम जनता को कोई लाभ नहीं मिला है। देश के करोड़ों मजदूरों ने इस बजट पर अपनी निगाहें टिका रखी थीं। लेकिन, सरकार ने बजट में तमाम मजदूरों की आशाओं पर पानी फेर दिया है। भाजपा के घोषणापत्र को देखकर लोगों ने भारी बहुमत से केंद्र में भाजपा की सरकार बनाई थी।
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भाजपा ने महंगाई कम करने के साथ दो करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था। जिसे सरकार पूरा नहीं कर पाई। मिड-डे मील वर्कर, आशा वर्कर सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतन मिलना चाहिए। जिसे देने में सरकार आनाकानी कर रही है। इन कर्मचारियों को महंगाई के दौर में एक हजार से लेकर तीन हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है। इससे परिवार का पालन-पोषण करने में परेशानी हो रही है। सरकार ने अगर बजट में संशोधन नहीं किया तो सीटू तमाम मजदूरों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ेगी।
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