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Chamba News: एचआरटीसी की 174 रूटों पर दौड़ रहीं 149 बसें
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230 रूटों को किया जा रहा कवर
यात्रियों पर भारी पड़ रही बसों की कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के लोकल रूटों पर बसों को दौड़ाना हिमाचल पथ परिवहन निगम के चंबा डिपो के लिए चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है। इसका मुख्य कारण बसों की कमी है। प्रबंधन की ओर से वर्तमान समय में 174 रूटों पर 149 बसों को दौड़ाया जा रहा है। ऐसे में अब एचआरटीसी के निदेशालय की ओर से चंबा डिपो में कंडम बसों की फेहरिस्त तैयार करने के फरमान मिले हैं। हालात ये हैं कि बसों की कमी के कारण प्रबंधन को लंबी दूरी के रूटों से वापस मुख्यालय पहुंचने वाली बसों को ही स्थानीय रूटों पर भेजकर काम चलाना पड़ रहा है। इससे चालकों-परिचालकों की मुसीबतें बढ़ रही हैं। प्रबंधन की ओर से यात्रियों की सहूलियत के लिए जेएनएनएमयू, एचआरटीसी की डीलक्स और अन्य बसों को भी रूटों पर दौड़ाया जा रहा है।
चंबा डिपो में बसों को मरम्मत के लिए भी समय नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बीते दो माह के दौरान विभिन्न रूटों जैसे चंबा-जम्मुहार, चंबा-तीसा, चंबा-साहो, चंबा-खज्जियार, चंबा- भरमौर, चंबा-बनीखेत मार्ग पर कई बसें बीच राह हांफ चुकी हैं। बसों के तकनीकी खराबी के कारण पहिये थमने से यात्री परेशान हो रहे हैं।
प्रबुद्धजनों राकेश कुमार, कपिल कुमार, योगराज, प्रमोद कुमार, रघुवीर, संजीव कुमार, केशव कुमार आदि ने बताया कि एचआरटीसी के चंबा डिपो में पहले से ही बसों की कमी है। इस कमी को पूरी करने के बजाय प्रबंधन की ओर से बसों को नए नियमों के आधार पर कंडम घोषित कर बाहर किया जा रहा है।
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एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि जिले के 174 रूटों पर निगम की 149 बसों को चलाकर 230 रूटों को कवर किया जा रहा है। निदेशालय की ओर से नए नियमों के आधार पर कंडम बसों की सूची तैयार करने के निर्देश मिले हैं।
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यात्रियों पर भारी पड़ रही बसों की कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले के लोकल रूटों पर बसों को दौड़ाना हिमाचल पथ परिवहन निगम के चंबा डिपो के लिए चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है। इसका मुख्य कारण बसों की कमी है। प्रबंधन की ओर से वर्तमान समय में 174 रूटों पर 149 बसों को दौड़ाया जा रहा है। ऐसे में अब एचआरटीसी के निदेशालय की ओर से चंबा डिपो में कंडम बसों की फेहरिस्त तैयार करने के फरमान मिले हैं। हालात ये हैं कि बसों की कमी के कारण प्रबंधन को लंबी दूरी के रूटों से वापस मुख्यालय पहुंचने वाली बसों को ही स्थानीय रूटों पर भेजकर काम चलाना पड़ रहा है। इससे चालकों-परिचालकों की मुसीबतें बढ़ रही हैं। प्रबंधन की ओर से यात्रियों की सहूलियत के लिए जेएनएनएमयू, एचआरटीसी की डीलक्स और अन्य बसों को भी रूटों पर दौड़ाया जा रहा है।
चंबा डिपो में बसों को मरम्मत के लिए भी समय नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में बीते दो माह के दौरान विभिन्न रूटों जैसे चंबा-जम्मुहार, चंबा-तीसा, चंबा-साहो, चंबा-खज्जियार, चंबा- भरमौर, चंबा-बनीखेत मार्ग पर कई बसें बीच राह हांफ चुकी हैं। बसों के तकनीकी खराबी के कारण पहिये थमने से यात्री परेशान हो रहे हैं।
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प्रबुद्धजनों राकेश कुमार, कपिल कुमार, योगराज, प्रमोद कुमार, रघुवीर, संजीव कुमार, केशव कुमार आदि ने बताया कि एचआरटीसी के चंबा डिपो में पहले से ही बसों की कमी है। इस कमी को पूरी करने के बजाय प्रबंधन की ओर से बसों को नए नियमों के आधार पर कंडम घोषित कर बाहर किया जा रहा है।
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एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि जिले के 174 रूटों पर निगम की 149 बसों को चलाकर 230 रूटों को कवर किया जा रहा है। निदेशालय की ओर से नए नियमों के आधार पर कंडम बसों की सूची तैयार करने के निर्देश मिले हैं।