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दिघाई पंचायत के आधा दर्जन गांव आज भी सड़क से कोसों दूर
Updated Tue, 13 Nov 2018 09:51 PM IST
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दिघाई पंचायत के आधा दर्जन गांव आज भी सड़क से कोसों दूर
ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने को करना पड़ रहा आठ किलोमीटर का पैदल सफर
बीमार व्यक्ति को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में पेश आती हैं दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
सलूणी (चंबा)। ग्राम पंचायत दिघाई के आधा दर्जन गांव आजादी के बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। ग्रामीणों को सड़क सुविधा का लाभ लेने के लिए आठ किमी पैदल सफर करना पड़ रहा है। प्रशासन और लोनिवि को ज्ञापन देने के बाद भी सड़क का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि एहनी मोड़ से अंदेश्वर तक सड़क स्वीकृत है। मगर लोनिवि सड़क के कार्य को शुरू नहीं कर पा रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। सड़क बनने से आधा दर्जन गांव में रहने वाली एक हजार की आबादी को लाभ मिलेगा।
ग्रामीण देसराज, चतर सिंह, सुरेंद्र, अमर चंद, ज्ञान सिंह, रवि कुमार, वैभव और नरेश कुमार ने बताया कि सड़क को बनाने के लिए ग्रामीण ग्राम सभा में भी प्रस्ताव पास कर चुके हैं। इसकी प्रति लोनिवि को भी दी गई है। मगर उसके बाद भी सड़क का कार्य शुरू नहीं हो रहा है। सड़क न होने की वजह से ग्रामीणों को जरूरत का सामान पीठ पर उठाकर घरों तक पहुंचाना पड़ता है। इसके अलावा गांव में बीमार होने वाले व्यक्ति को पीठ या पालकी में उठाकर आठ किमी पैदल चलने के बाद सड़क तक पहुंचाया जाता है। यहां से मरीज को एंबुलेंस या निजी वाहन के जरिये स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाता है। इस दौरान तीमारदारों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से सड़क बनाने की मांग की है।
कोट्स
लोनिवि के अधिशाषी अरूण पठानिया ने बताया कि उपरोक्त सड़क को बनाने के लिए वन विभाग की एनओसी मांगी गई है। एनओसी मिलते ही आगामी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
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ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने को करना पड़ रहा आठ किलोमीटर का पैदल सफर
बीमार व्यक्ति को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने में पेश आती हैं दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
सलूणी (चंबा)। ग्राम पंचायत दिघाई के आधा दर्जन गांव आजादी के बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। ग्रामीणों को सड़क सुविधा का लाभ लेने के लिए आठ किमी पैदल सफर करना पड़ रहा है। प्रशासन और लोनिवि को ज्ञापन देने के बाद भी सड़क का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि एहनी मोड़ से अंदेश्वर तक सड़क स्वीकृत है। मगर लोनिवि सड़क के कार्य को शुरू नहीं कर पा रहा है। इसको लेकर ग्रामीणों में काफी रोष है। सड़क बनने से आधा दर्जन गांव में रहने वाली एक हजार की आबादी को लाभ मिलेगा।
ग्रामीण देसराज, चतर सिंह, सुरेंद्र, अमर चंद, ज्ञान सिंह, रवि कुमार, वैभव और नरेश कुमार ने बताया कि सड़क को बनाने के लिए ग्रामीण ग्राम सभा में भी प्रस्ताव पास कर चुके हैं। इसकी प्रति लोनिवि को भी दी गई है। मगर उसके बाद भी सड़क का कार्य शुरू नहीं हो रहा है। सड़क न होने की वजह से ग्रामीणों को जरूरत का सामान पीठ पर उठाकर घरों तक पहुंचाना पड़ता है। इसके अलावा गांव में बीमार होने वाले व्यक्ति को पीठ या पालकी में उठाकर आठ किमी पैदल चलने के बाद सड़क तक पहुंचाया जाता है। यहां से मरीज को एंबुलेंस या निजी वाहन के जरिये स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाता है। इस दौरान तीमारदारों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से सड़क बनाने की मांग की है।
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लोनिवि के अधिशाषी अरूण पठानिया ने बताया कि उपरोक्त सड़क को बनाने के लिए वन विभाग की एनओसी मांगी गई है। एनओसी मिलते ही आगामी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
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