बिलासपुर। पुलिस ने उत्तराखंड की ओर से तस्करी कर ट्रक से लाई जा रही खैर की लकड़ी के 122 लट्ठे बरामद किए हैं। बरामद लकड़ी की कीमत करीब 50 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। जबकि, ट्रक में सवार दो खैर तस्कर फरार हो गए।
कोतवाली प्रभारी संजय प्रताप सिंह के अनुसार बुधवार की सुबह मुखबिर ने सूचना दी की उत्तराखंड की ओर से कुछ लोग एक ट्रक में खैर की लकड़ी तस्करी करके बेचने को ले जा रहे हैं। ट्रक उत्तराखंड के जिला उधमसिंह नगर के कस्बा गदरपुर से महतोष मोड़ होता हुआ नवाबगंज रोड से बिलासपुर की ओर आ रहा है। कोतवाली प्रभारी ने दरोगा सुनील गिरी आदि के साथ ग्राम नवाबगंज स्थित उत्तराखंड बॉर्डर के समीप वाहनों की चेकिंग करनी शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार पुलिस को रोड पर वेकिंग करते देख चालक और परिचालक ट्रक छोड़कर भाग गए। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में कर तलाशी ली तो उसके अंदर खैर की लकड़ी भरी हुई थी। कोतवाली प्रभारी ने आरक्षित डंडिया वन के रेंजर अमित कुमार सिंह आदि को मौके पर बुला लिया। पुलिस लकड़ी भरे ट्रक को कोतवाली ले आई। पुलिस ने दरोगा सुनील गिरी की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ खैर तस्करी आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि ट्रक में 122 लट्ठे खैर की लकड़ी के बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत करीब 50 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। उनका कहना है कि तस्कर खैर की लकड़ी को उत्तराखंड की ओर से ला रहे थे। मामले की जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।