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Bilaspur News: दो माह बाद गोबिंद सागर में फिर वाटर स्पोर्ट्स का रोमांच

Wed, 16 Sep 2026 11:56 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 11:56 PM IST
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water sports in bilaspur
मंडी-भराड़ी के पास वाटर स्पोर्ट्स की तैयारियां पूरी
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बंदला धार से स्थानीय पायलट ने भरी उड़ान, 22 सितंबर से शुरू होगा एसआईवी कोर्स

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दो माह के विराम के बाद बिलासपुर में साहसिक पर्यटन गतिविधियों का रोमांच एक बार फिर लौट आया है। 15 जुलाई से 15 सितंबर तक लगी रोक हटने के बाद बुधवार से गोबिंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स और बंदला धार से पैराग्लाइडिंग गतिविधियां शुरू हो गईं। लंबे इंतजार के बाद साहसिक पर्यटन से जुड़े कारोबारियों और पायलटों में उत्साह नजर आया। मंडी-भराड़ी के पास गोबिंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का संचालन करने वाले संचालक भी पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंचे।
मंडी-भराड़ी के पास झील की शांत लहरों के बीच अब फिर से मोटर बोट, स्टीमर और अन्य जल आधारित गतिविधियों का रोमांच दिखाई देगा। मानसून के दौरान सुरक्षा कारणों से गतिविधियां बंद रहने के चलते संचालकों ने इस अवधि में उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया। अब प्रतिबंध हटने के साथ ही पर्यटकों के लिए झील में रोमांच का नया दौर शुरू हो गया है। गोबिंद सागर को पहले से ही जल पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग भी यहां साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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उधर, बंदला धार से भी पैराग्लाइडिंग का रोमांच लौट आया है। बुधवार को स्थानीय पायलट ने बंदला से उड़ान भरी। आसमान में रंग-बिरंगे पैराग्लाइडर और नीचे फैली विशाल गोबिंद सागर झील का नजारा यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। बिलासपुर की बंदला साइट की खासियत यह है कि उड़ान के दौरान पायलटों को गोबिंद सागर झील का विशाल जल क्षेत्र दिखाई देता है। प्रशिक्षण के लिहाज से भी यहां की भौगोलिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
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इनसेट

22 सितंबर से शुरू होगा एसआईवी कोर्स

बंदला धार में इस बार एडवांस पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण को लेकर भी खासा उत्साह है। 22 सितंबर से एसआईवी कोर्स शुरू होगा। इसके लिए अब तक चार पैराग्लाइडिंग स्कूलों ने बुकिंग करवाई है। इससे बंदला धार में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रशिक्षु पायलटों के पहुंचने की उम्मीद है। एसआईवी प्रशिक्षण के दौरान अनुभवी पायलटों को हवा में पैराग्लाइडर के असामान्य व्यवहार और विभिन्न आपात परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास कराया जाता है। बंदला में एसआईवी प्रशिक्षण के लिए चार स्कूलों की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। इससे पैराग्लाइडिंग गतिविधियों के साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षुओं और पर्यटकों के पहुंचने से होम स्टे, होटल, भोजनालय और अन्य स्थानीय कारोबारियों को लाभ मिलता है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में पर्यटन आधारित रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।


इनसेट

झील और आसमान में दिखेगा रोमांच

साहसिक पर्यटन की गतिविधियां दोबारा शुरू होने के साथ बिलासपुर में झील और आसमान दोनों जगह रोमांच देखने को मिलेगा। एक ओर मंडी-भराड़ी के पास गोबिंद सागर की लहरों पर वाटर स्पोर्ट्स पर्यटकों को आकर्षित करेंगे, वहीं दूसरी ओर बंदला की पहाड़ियों से पैराग्लाइडर उड़ान भरते नजर आएंगे। हिमाचल पर्यटन विभाग के नियमों के तहत साहसिक गतिविधियां अधिकृत संचालकों और निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार ही संचालित की जानी हैं। दो माह के विराम के बाद शुरू हुए इस रोमांच से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को भी नए सीजन में अच्छी गतिविधियों की उम्मीद है। आने वाले दिनों में एसआईवी कोर्स और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने के साथ बंदला और गोबिंद सागर क्षेत्र में साहसिक पर्यटन का रंग और गहरा होने की संभावना है।
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