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सड़क बनवाने के लिए चार फरवरी को डीसी दफ्तर के घेराव की चेतावनी

Tue, 01 Feb 2022 11:21 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Feb 2022 11:21 PM IST
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Warning of siege of DC office on February 4 to build a road
Warning of siege of DC office on February 4 to build a road
बिलासपुर। जिले की पंचायत डोभा के करोट गांव की फकरीड़ा पालंगरी को जाने वाली सड़क दस साल में केवल एक किलोमीटर ही बनने से लोगों में रोष है। इस पालंगरी में करीब सौ परिवार रहते हैं, जिन्हें दशकों से सड़क सुविधा नहीं है। मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम सदर सुभाष गौतम, जिप अध्यक्ष मुस्कान ने करोट गांव का दौरा किया।
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इस अवसर पर स्थानीय ग्राम पंचायत प्रधान रीता ठाकुर भी मौजूद रहीं। लोगों ने एसडीएम को अपनी समस्या बताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस सड़क को लेकर कोई हल नहीं निकलता है तो वह चार फरवरी को अपने बच्चों तथा मवेशियों के साथ जिला मुख्यालय पर आकर डीसी आफिस का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।
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सरकार ने इस पालंगरी को सड़क से जोड़ने के लिए कार्यवाही तो शुरू कर दी है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि एक परिवार अब सड़क को आगे निकालने के लिए बाधा उत्पन्न कर रहा है। इससे ग्रामीणों की समस्या जस की तस है। सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीण लामबंद होने के साथ-साथ उग्र होना भी शुरू हो गए हैं। 26 जनवरी को जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जल शक्ति, राजस्व, बागवानी तथा सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर से मिला तथा ज्ञापन सौंप कर सड़क बनवाने की की मांग की। वहीं बीते रोज यही प्रतिनिधिमंडल डीसी पंकज राय से भी मिला है।
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पूर्व बीडीसी सदस्य रीठू राम, पूर्व वार्ड सदस्य संतराम, वार्ड सदस्य चुनी लाल ने बताया कि इस सड़क निर्माण कार्य को लगभग 10 वर्ष पूर्व शुरू किया गया था, जिसे लोक निर्माण विभाग ने बनाने का कार्य शुरू किया था। लेकिन दुख की बात है कि इस सड़क निर्माण का कार्य केवल लगभग 1 किलोमीटर ही हो पाया है।

गांव करोट की पालंगरी फकरीड़ा अति दुर्गम क्षेत्र में है, जहां से स्कूली बच्चों को जंगल के रास्ते अपनी जान को जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ता है। बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ के लिए चारपाई के ऊपर सड़क पर लाना पड़ता है। गांव में मरीजों को लाते समय कई लोग रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं।
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