{"_id":"de7ba36acd21506b9e56d92368752aa2","slug":"truck-operators-at-loggerheads-in-acc-barmana-bilaspur-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मल्टीएक्सल के मुद्दे पर फिर मचा बवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मल्टीएक्सल के मुद्दे पर फिर मचा बवाल
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिलासपुर/ स्वारघाट
Updated Mon, 10 Aug 2015 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसीसीसी में सीमेंट ढुलाई के लिए बीडीटीएस में अधिकृत मल्टीएक्सल गाड़ियों का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। बीडीटीएस ने मल्टीएक्सल गाड़ियां लगने के लिए सभा के सदस्यों से राय मांगी है। इस मुद्दे पर 15 अगस्त तक लिखित राय मिलने के बाद बहुमत के आधार पर फैसला लिया जाएगा कि मल्टीएक्सल गाड़ियां चलेंगी या नहीं। इस मुद्दे पर बीडीडीएस की पूर्व कार्यकारिणी आगबबूला हो गई है। पूर्व प्रधान लेख राम एवं कुछ अन्य ऑपरेटरों ने वर्तमान कार्यकारिणी के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है।
बीडीटीएस ट्रक ऑपरेटर सभा एसीसी में मल्टीएक्सल गाड़ियां लगाने का मुद्दा फिर गरमा गया है। बीडीटीएस कार्यकारिणी ने मल्टीएक्सल लगाने के लिए सभा के सदस्यों से सुझाव मांगे हैं। 15 तक इसकी तारीख तय की गई है। हालांकि, पूर्व कार्यकारिणी इसके विरोध में खड़ी हो गई है। पूर्व कार्यकारिणी का कहना है कि जनरल हाउस में पहले ही इस पर चर्चा हुई है। ऑपरेटरों ने इसका विरोध किया है। लिहाजा, इस मुद्दे को वर्तमान कार्यकारिणी जानबूझकर फिर उठा रही है। स्वारघाट में बीडीटीएस वार्ड एक और दो में गत दिनों हुई बैठक में पूर्व प्रधान लेखराम वर्मा, पूर्व उपप्रधान रामकुमार शर्मा, सदस्य राजेश कुमार, संजीव चंदेल, रोशन लाल ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्तमान कार्यकारिणी एसीसी के दबाव में कार्य कर रही है। मल्टीएक्सल गाड़ियों को ढलवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि एसीसी के पास उत्पादन क्षमता कम हो रही है, तो मल्टीएक्सल गाड़ियों की मांग कर लोगों को क्यों गुमहार किया जा रहा है। सच्चाई तो यह है कि एसीसी प्रबंधन बीडीटीएस में 2032 गाड़ियों के लिए 15 हजार मीट्रिक टन टन माल उपलब्ध कराने में ही सक्षम नहीं हो रही हैं। ऐसे में नई गाड़ियों का क्या औचित्य है। उस पर बीडीटीएस प्रबंधन मल्टीएक्सल गाड़ियों के लिए आवेदन मांगने जा रहा है। यह सारा कार्य सिंगल ट्रक ऑपरेटरों को गुमराह करने के लिए है।
वहीं, वर्तमान प्रधान रमेश ठाकुर ने कहा कि कार्यकारिणी ने सिर्फ ऑपरेटरों के सुझाव मांगे हैं। इसके बाद जनरल हाउस होगा। उसमें जो फैसला आएगा, वही लागू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीडीटीएस ट्रक ऑपरेटर सभा एसीसी में मल्टीएक्सल गाड़ियां लगाने का मुद्दा फिर गरमा गया है। बीडीटीएस कार्यकारिणी ने मल्टीएक्सल लगाने के लिए सभा के सदस्यों से सुझाव मांगे हैं। 15 तक इसकी तारीख तय की गई है। हालांकि, पूर्व कार्यकारिणी इसके विरोध में खड़ी हो गई है। पूर्व कार्यकारिणी का कहना है कि जनरल हाउस में पहले ही इस पर चर्चा हुई है। ऑपरेटरों ने इसका विरोध किया है। लिहाजा, इस मुद्दे को वर्तमान कार्यकारिणी जानबूझकर फिर उठा रही है। स्वारघाट में बीडीटीएस वार्ड एक और दो में गत दिनों हुई बैठक में पूर्व प्रधान लेखराम वर्मा, पूर्व उपप्रधान रामकुमार शर्मा, सदस्य राजेश कुमार, संजीव चंदेल, रोशन लाल ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्तमान कार्यकारिणी एसीसी के दबाव में कार्य कर रही है। मल्टीएक्सल गाड़ियों को ढलवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि एसीसी के पास उत्पादन क्षमता कम हो रही है, तो मल्टीएक्सल गाड़ियों की मांग कर लोगों को क्यों गुमहार किया जा रहा है। सच्चाई तो यह है कि एसीसी प्रबंधन बीडीटीएस में 2032 गाड़ियों के लिए 15 हजार मीट्रिक टन टन माल उपलब्ध कराने में ही सक्षम नहीं हो रही हैं। ऐसे में नई गाड़ियों का क्या औचित्य है। उस पर बीडीटीएस प्रबंधन मल्टीएक्सल गाड़ियों के लिए आवेदन मांगने जा रहा है। यह सारा कार्य सिंगल ट्रक ऑपरेटरों को गुमराह करने के लिए है।
विज्ञापन
वहीं, वर्तमान प्रधान रमेश ठाकुर ने कहा कि कार्यकारिणी ने सिर्फ ऑपरेटरों के सुझाव मांगे हैं। इसके बाद जनरल हाउस होगा। उसमें जो फैसला आएगा, वही लागू होगा।
विज्ञापन