{"_id":"69bfe07dc07265d7440e9068","slug":"the-story-narrated-the-tales-of-shri-krishna-devotee-prahlad-dhruvas-character-and-sudama-bilaspur-news-c-92-1-bls1002-156480-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: कथा में सुनाया श्री कृष्ण लीला, भक्त प्रहलाद, ध्रुव चरित्र, सुदामा का प्रसंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: कथा में सुनाया श्री कृष्ण लीला, भक्त प्रहलाद, ध्रुव चरित्र, सुदामा का प्रसंग
Sun, 22 Mar 2026 11:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 22 Mar 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
मां संतोषी माता मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करते हुए श्रद्धालु। स्रोत: जाग
- मां संतोषी माता मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत ग्राम साईं (मरहोल ) में मां संतोषी माता मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्री कृष्ण लीला, भक्त प्रहलाद, ध्रुव चरित्र, सुदामा का प्रसंग सुनाया गया।
कथावाचक पंडित मदन लाल दुर्वासा ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। भागवत कथा हमें भगवान श्री कृष्ण के आदर्शों, भक्ति, प्रेम और त्याग का संदेश देती है। मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है, इसे केवल भौतिक सुख-सुविधाओं में न गंवाकर भगवान के भजन, सत्संग और सेवा में लगाना चाहिए। भागवत कथा सुनने से मन को शांति मिलती है और जीवन के दुखों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने श्री कृष्ण लीला, भक्त प्रहलाद, ध्रुव चरित्र और सुदामा प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति में अटूट विश्वास और समर्पण आवश्यक है। उन्होंने श्रद्धालुओं को नशा मुक्ति, समाज सेवा और सदाचार अपनाने का भी संदेश दिया। आयोजन समिति ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 10 बजे तक पूजा-अर्चना, 11 बजे भागवत स्वागत एवं मूल पाठ, दोपहर 12:30 बजे कलश पूजन और दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक कथा प्रवचन आयोजित किए जा रहे हैं। कथा का समापन 29 मार्च को हवन एवं पूर्णाहुति के साथ होगा। उसके बाद दोपहर 2 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया गया है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत ग्राम साईं (मरहोल ) में मां संतोषी माता मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्री कृष्ण लीला, भक्त प्रहलाद, ध्रुव चरित्र, सुदामा का प्रसंग सुनाया गया।
कथावाचक पंडित मदन लाल दुर्वासा ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। भागवत कथा हमें भगवान श्री कृष्ण के आदर्शों, भक्ति, प्रेम और त्याग का संदेश देती है। मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है, इसे केवल भौतिक सुख-सुविधाओं में न गंवाकर भगवान के भजन, सत्संग और सेवा में लगाना चाहिए। भागवत कथा सुनने से मन को शांति मिलती है और जीवन के दुखों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने श्री कृष्ण लीला, भक्त प्रहलाद, ध्रुव चरित्र और सुदामा प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची भक्ति में अटूट विश्वास और समर्पण आवश्यक है। उन्होंने श्रद्धालुओं को नशा मुक्ति, समाज सेवा और सदाचार अपनाने का भी संदेश दिया। आयोजन समिति ने बताया कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 10 बजे तक पूजा-अर्चना, 11 बजे भागवत स्वागत एवं मूल पाठ, दोपहर 12:30 बजे कलश पूजन और दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक कथा प्रवचन आयोजित किए जा रहे हैं। कथा का समापन 29 मार्च को हवन एवं पूर्णाहुति के साथ होगा। उसके बाद दोपहर 2 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया गया है।
विज्ञापन