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Bilaspur News: धनराशि होने पर छत स्कूल की नहीं हुई मरम्मत, अब गिरे दो पिलर

Sun, 07 Sep 2025 11:14 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 07 Sep 2025 11:14 PM IST
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The roof of the school was not repaired despite the availability of funds, now two pillars have fallen
क्षतिग्रस्त हुआ छत स्कूल का भवन। संवाद
कभी गिर सकता है भवन, पहले ही ढह चुके हैं शौचालय और रसोई घर
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समय रहते लग जाता डंगा तो बचाया जा सकती थी यह सरकारी संपत्ति
फोरलेन निर्माण के दौरान खतरे की जद में आया था स्कूल
मरम्मत कार्य में आड़े आ रहे जमीन के विवाद को नहीं सुलझा पा रहा विभाग

संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश(बिलासपुर) । उपमंडल झंडूता की राजकीय प्राथमिक पाठशाला छत के भवन को बचाने के लिए 32 लाख रुपये का बजट होने के बावजूद भी न तो मरम्मत कार्य हुआ और न ही डंगे लग पाए। नतीजतन अब की बरसात में हुए भूस्खलन से मुख्य भवन के दो पिलर भी गिर गए हैं। अब खस्ताहाल भवन कभी भी गिर सकता है। यदि समय रहते डंगा लगाया होता तो करोड़ों की इस सरकारी संपत्ति को बचाया भी जा सकता था।
छत स्कूल का डंगा साल 2022 में कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान ढह गया था। डंगा गिरने के कुछ समय बाद स्कूल का शौचालय और रसोई घर भी गिर गया। साल 2023 में स्कूल भवन को भी असुरक्षित घोषित कर दिया। इसके बाद छत स्कूल को धराड़सानी स्कूल के एक कमरे में स्थानांतरित कर दिया। कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों का स्कूल इसलिए बदल दिया क्योंकि उन्हें धराड़सानी दूर पड़ रहा था। वर्तमान समय में छत स्कूल में प्री प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों की संख्या घटकर 16 रह गई है। स्कूल के भवन की मरम्मत के लिए प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने पांच लाख रुपये का बजट जारी किया है। इसके अलावा एनएचआई ने भी करीब 27 लाख रुपये का मुआवजा दिया है। बावजूद इसके अभी तक स्कूल भवन की मरम्मत नहीं हो पाई है।
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जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति ने स्कूल के साथ अपनी भूमि होने का दावा किया है। विभाग की ओर से जब स्कूल मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। तब व्यक्ति ने आपत्ति दर्ज कर काम रुकवा दिया। शिक्षा विभाग अब तक उस व्यक्ति से जमीन के विवाद को नहीं सुलझा पाया है। नतीजतन यह हुआ है कि सारा स्कूल धीरे-धीरे गिरता जा रहा है। उधर, स्थानीय लोगों और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने सवाल किया है कि क्यों विभाग एक व्यक्ति को निशानदेही के लिए मौके पर नहीं ला पा रहा है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने और ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया है।
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रविवार को पंचायत डमली के वार्ड सदस्य ध्रुव भी स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्कूल के पिलर गिरने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समय रहते आरसीसी डंगों का निर्माण हो गया होता तो आज स्कूल के मुख्य भवन को नुकसान नहीं होता। ढह चुके शौचालय और रसोई घर को भी बचाया जा सकता था। उधर, स्थानीय निवासी राजकुमार ने बताया कि उनका घर स्कूल के साथ है। स्कूल की हालत बहुत खस्ता हो चुकी है। यह कभी भी उनके घर पर भी गिर सकता है। प्रशासन को इसको लेकर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।


कोट
राजकीय प्राथमिक पाठशाला छत के भवन की मरम्मत जमीन के विवाद के कारण नहीं हो पा रही है। हर बार निशानदेही के लिए व्यक्ति को बुलाया जाता है, लेकिन वह उस दिन नहीं आता है। उच्च अधिकारियों को इस बारे अवगत करा दिया गया है। -मीरा शर्मा, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, घुमारवीं-2
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