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Bilaspur News: रैंक सुधरी, लेकिन गारबेज फ्री सिटी बनने की दौड़ में अब भी पीछे है घुमारवीं

Fri, 18 Jul 2025 11:54 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 18 Jul 2025 11:54 PM IST
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The rank has improved, but Ghumarwin is still behind in the race to become a garbage free city
नगर परिषद घुमारवीं का मुख्य शहर घुमारवीं।
3305 से 1442 वीं रैंक पर पहुंचा नगर, फिर भी नहीं मिला एक भी स्टार
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स्थायी कूड़ा निस्तारण, सीवरेज और शौचालय जैसे मोर्चों पर पिछड़ रहा नगर प्रशासन

संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में जरूर बड़ी छलांग लगाई है, लेकिन गार्बेज फ्री सिटी बनने की रेस में अब भी यह कसौटी पर खरा नहीं उतर पाया है। प्रदेश स्तर पर नगर परिषद की रैंकिंग 43वें से सुधरकर 27वें स्थान पर पहुंची है और देशभर में वेरी स्मॉल पापुलेशन कैटेगरी में यह 3305 वीं रैंक से 1442 वीं रैंक पर आया है, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद को जीएफसी (गारबेज फ्री सिटी) में एक भी स्टार नहीं मिल सका।
नगर परिषद की रिपोर्ट खुद मानती है कि कूड़े का केवल 47 प्रतिशत ही डोर-टू-डोर संग्रहण हो रहा है। वहीं सूखे और गीले कचरे की छंटाई महज आठ फीसदी तक ही संभव हो पाई है। 43 फीसदी कचरे की प्रोसेसिंग हो रही है, लेकिन शत-प्रतिशत निस्तारण से नगर अब भी दूर है। सबसे गंभीर बात यह है कि नगर में आज तक कोई स्थायी कूड़ा निस्तारण केंद्र ही नहीं बन पाया। खुले में कचरे के ढेर अब भी रोजमर्रा का दृश्य हैं। नगर परिषद बीते दो दशकों से इसका हल नहीं खोज सकी। वहीं, संपूर्ण सीवरेज नेटवर्क की योजना भी अधर में लटकी हुई है। बरसात में ओवरफ्लो नालियां और सड़कों पर बहता गंदा पानी नगर की बदहाली बयान करता है। शहर में सार्वजनिक शौचालयों की संख्या और उनकी देखरेख दोनों ही बेहद कमजोर हैं। उपलब्ध शौचालयों की हालत खस्ता है, जिससे विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को दिक्कत होती है।
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नगर परिषद में कचरा उठाने वाले वाहनों की संख्या भी सीमित है और कर्मचारियों की कमी के चलते डोर-टू-डोर कलेक्शन हर दिन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। कार्यकारी अधिकारी खेमचंद वर्मा ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की संख्या 15 से बढ़ाकर 35 की गई है और हर घर तक सीवरेज पहुंचाने की दिशा में प्रयास जारी हैं। रैंकिंग में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन हमारी असली कोशिश अब यह है कि शहर को गार्बेज फ्री सिटी बनाएं।
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