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Bilaspur News: हिमाचली जोड़ी के नाम रही बाड़ू देव भेल मेले की सांस्कृतिक संध्या
Sat, 20 Sep 2025 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 20 Sep 2025 11:46 PM IST
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कुठेड़ा में बाड़ू देव भेल मेले की सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देती कलाकार व झूमते बच्चे। संवा
देर रात तक गीत-संगीत पर थिरकते रहे दर्शक
मुख्यातिथि विधायक त्रिलोक जमवाल ने मेला कमेटी को दिए 31 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत कुठेड़ा में चल रहे बाड़ू देव भेल मेले की दूसरी और अंतिम सांस्कृतिक संध्या हिमाचली जोड़ी के नाम रही। जैसे ही हिमाचली जोड़ी मंच पर पहुंची, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और शोर से गूंज उठा। दर्शकों ने उनका स्वागत खड़े होकर किया और देर रात तक उनके गीत-संगीत पर थिरकते रहे।
कार्यक्रम में सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हिमाचली संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा देने के लिए ऐसे मेले बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने मेला कमेटी को 31 हजार रुपये की राशि प्रदान की। मंच संचालन का जिम्मा जावेद इकबाल ने संभाला। सांस्कृतिक संध्या में सबसे पहले हिमाचल की प्रसिद्ध गायिका निशा शर्मा ने अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने मेरे रश्के कमर, चेहरा हैं या चांद खिला, उड़े जब जब जुल्फें तेरी , तेरा मेरा लगन, पहाड़ी नॉन स्टॉप सॉन्ग, निकी जिनी गोजरी, मुंडे चंडीगढ़ शहर दे, तारे गिन-गिन याद च तेरी, दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी आदि गाने गा कर लोगों का खूब मनोरंजन किया। इसके बाद इस स्टार नाइट की स्टार गायक हिमाचली जोड़ी ने अपने लोकप्रिय लोकगीतों और नए प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी नाचने पर मजबूर हो गए। उनके गीत पहाड़ी झूमर, हिमाचली धुन पर जैसे प्रस्तुतियों पर पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। दूसरी ओर मेले में उमड़ी भारी भीड़ देखते ही बनती थी। हजारों की संख्या में लोग दूर दराज से इस सांस्कृतिक संध्या को देखने पहुंचे। लोगों ने कहा कि इस बार की अंतिम संध्या अब तक की सबसे शानदार रही और हिमाचली जोड़ी ने सचमुच मेले की शोभा बढ़ा दी। बांका मुल्क हिमाचल, तू रानी महिला दी, नाटी सिरमौर बाली, ठेकेदारनिये, ऐ मेरे वतन के लोगो, भेदा तेरियां आदि गाने गा कर लोगों को खूब नचाया। आयोजन समिति ने बताया कि मेले की सांस्कृतिक संध्याओं का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच देना और हिमाचली कला-संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना है। इस मौके पर विशेष जिला पार्षद अध्यक्ष बिमला देवी सहित अन्य मौजूद रहे।
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मुख्यातिथि विधायक त्रिलोक जमवाल ने मेला कमेटी को दिए 31 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत कुठेड़ा में चल रहे बाड़ू देव भेल मेले की दूसरी और अंतिम सांस्कृतिक संध्या हिमाचली जोड़ी के नाम रही। जैसे ही हिमाचली जोड़ी मंच पर पहुंची, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट और शोर से गूंज उठा। दर्शकों ने उनका स्वागत खड़े होकर किया और देर रात तक उनके गीत-संगीत पर थिरकते रहे।
कार्यक्रम में सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हिमाचली संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा देने के लिए ऐसे मेले बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने मेला कमेटी को 31 हजार रुपये की राशि प्रदान की। मंच संचालन का जिम्मा जावेद इकबाल ने संभाला। सांस्कृतिक संध्या में सबसे पहले हिमाचल की प्रसिद्ध गायिका निशा शर्मा ने अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने मेरे रश्के कमर, चेहरा हैं या चांद खिला, उड़े जब जब जुल्फें तेरी , तेरा मेरा लगन, पहाड़ी नॉन स्टॉप सॉन्ग, निकी जिनी गोजरी, मुंडे चंडीगढ़ शहर दे, तारे गिन-गिन याद च तेरी, दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी आदि गाने गा कर लोगों का खूब मनोरंजन किया। इसके बाद इस स्टार नाइट की स्टार गायक हिमाचली जोड़ी ने अपने लोकप्रिय लोकगीतों और नए प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी नाचने पर मजबूर हो गए। उनके गीत पहाड़ी झूमर, हिमाचली धुन पर जैसे प्रस्तुतियों पर पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। दूसरी ओर मेले में उमड़ी भारी भीड़ देखते ही बनती थी। हजारों की संख्या में लोग दूर दराज से इस सांस्कृतिक संध्या को देखने पहुंचे। लोगों ने कहा कि इस बार की अंतिम संध्या अब तक की सबसे शानदार रही और हिमाचली जोड़ी ने सचमुच मेले की शोभा बढ़ा दी। बांका मुल्क हिमाचल, तू रानी महिला दी, नाटी सिरमौर बाली, ठेकेदारनिये, ऐ मेरे वतन के लोगो, भेदा तेरियां आदि गाने गा कर लोगों को खूब नचाया। आयोजन समिति ने बताया कि मेले की सांस्कृतिक संध्याओं का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच देना और हिमाचली कला-संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना है। इस मौके पर विशेष जिला पार्षद अध्यक्ष बिमला देवी सहित अन्य मौजूद रहे।

कुठेड़ा में बाड़ू देव भेल मेले की सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देती कलाकार व झूमते बच्चे। संवा
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