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Bilaspur News: राम नाटक के आखिरी दिन हुआ श्री राम का राज्याभिषेक
Sat, 04 Oct 2025 11:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 04 Oct 2025 11:56 PM IST
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बिलासपुर के डियारा सेक्टर में राम नाटक के अंतिम दिन श्री राम राज्याभिषेक का दृश्य। संवाद
हनुमानजी ने दिखाया अपनी असीम भक्ति का अद्भुत प्रमाण
सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने समिति को दिए तीन लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। डियारा सेक्टर में आयोजित वार्षिक राम नाटक में अंतिम दिन राम राज्याभिषेक का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जब प्रभु राम मंच पर नहीं, बल्कि सीधे दर्शकों के बीच से आए, तो उनकी सजीव प्रस्तुति और भव्य वस्त्र-सज्जा देखकर सभी अचंभित रह गए। पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में बदल गया और जय श्री राम के उद्घोष से गुंजायमान हो गया। दृश्य में हनुमानजी ने अपनी असीम भक्ति का अद्भुत प्रमाण दिखाया। श्री राम के राज्याभिषेक के बाद, जब माता सीता ने हनुमान जी को माला भेंट की, तो उन्होंने माला को तोड़ दिया। लक्ष्मण जी के पूछने पर हनुमानजी ने अपना सीना चीरकर उसके भीतर श्री राम और सीता की छवि दिखाई, जो उनकी निष्ठा और भक्ति का प्रतीक थी। इस दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
समापन अवसर पर सभी दर्शकों ने मंच पर आकर प्रभु राम और माता सीता के चरणस्पर्श किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। संध्या के मुख्यातिथि सदर चुनाव क्षेत्र के विधायक त्रिलोक जमवाल रहे। उन्होंने समिति को 3 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की और आयोजकों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि स्थानीय कला और संस्कृति को जीवित रखने का भी संदेश देता है।
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सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने समिति को दिए तीन लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। डियारा सेक्टर में आयोजित वार्षिक राम नाटक में अंतिम दिन राम राज्याभिषेक का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जब प्रभु राम मंच पर नहीं, बल्कि सीधे दर्शकों के बीच से आए, तो उनकी सजीव प्रस्तुति और भव्य वस्त्र-सज्जा देखकर सभी अचंभित रह गए। पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में बदल गया और जय श्री राम के उद्घोष से गुंजायमान हो गया। दृश्य में हनुमानजी ने अपनी असीम भक्ति का अद्भुत प्रमाण दिखाया। श्री राम के राज्याभिषेक के बाद, जब माता सीता ने हनुमान जी को माला भेंट की, तो उन्होंने माला को तोड़ दिया। लक्ष्मण जी के पूछने पर हनुमानजी ने अपना सीना चीरकर उसके भीतर श्री राम और सीता की छवि दिखाई, जो उनकी निष्ठा और भक्ति का प्रतीक थी। इस दृश्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
समापन अवसर पर सभी दर्शकों ने मंच पर आकर प्रभु राम और माता सीता के चरणस्पर्श किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। संध्या के मुख्यातिथि सदर चुनाव क्षेत्र के विधायक त्रिलोक जमवाल रहे। उन्होंने समिति को 3 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की और आयोजकों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि स्थानीय कला और संस्कृति को जीवित रखने का भी संदेश देता है।
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