फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   The anger of the Karloti-Talai Sangharsh Samitis erupted over the scam worth crores.

Bilaspur News: करोड़ों के घोटाले पर करलोटी-तलाई संघर्ष समितियों का फूटा गुस्सा

Mon, 17 Nov 2025 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Mon, 17 Nov 2025 11:04 PM IST
विज्ञापन
The anger of the Karloti-Talai Sangharsh Samitis erupted over the scam worth crores.
सरकार को दी एक साल की मोहलत, पैसा नहीं लौटाया तो करेंगे आत्मदाह
विज्ञापन

सहकारिता दिवस के मंच से मंत्री धर्माणी के सामने उठाई आवाज
दफ्तरों के चक्कर लगाने के बावजूद नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाई
दोनों सभाओं में निवेशकों के फंसे है करोड़ों रुपये

मंगल ठाकुर
बरठीं (बिलासपुर)। जिले की करलोटी और तलाई सहकारी सभाओं में हुए करोड़ों रुपये के कथित घोटाले को लेकर निवेशकों का धैर्य जवाब देने लगा है। राज्य स्तरीय सहकारिता दिवस पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में दोनों संघर्ष समितियों के प्रतिनिधियों ने मंच से सरकार और विभाग को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक वर्ष के भीतर खाताधारकों के पैसे वापस नहीं लौटाए गए तो वे आत्मदाह जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
संघर्ष समिति करलोटी के प्रधान बुद्धि सिंह मनकोटिया ने कहा कि करलोटी सहकारी सभा समिति पपलाह में निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे हैं। कई बार विभागीय दफ्तरों के चक्कर लगाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि हमारे लाखों-करोड़ों रुपये डूबे पड़े हैं। न्याय के लिए हमारा समय और पैसा दोनों खर्च हो चुके हैं, लेकिन विभाग की ओर से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। यदि एक वर्ष के भीतर समाधान नहीं हुआ तो सरकार का बहिष्कार करेंगे और चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी का खुला विरोध करेंगे। संघर्ष समिति तलाई के प्रधान भजन लाल ने मंच से विभाग और सरकार को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि तलाई सहकारी सभा में बड़ा वित्तीय घोटाला हुआ है, जिससे खाताधारकों का पैसा अटक गया है। कहा कि यदि एक साल में खाताधारकों का पैसा नहीं लौटाया गया तो मैं आत्मदाह करूंगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और सरकार की होगी। उनके इस बयान से कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। बड़ी संख्या में उपस्थित निवेशकों और ग्रामीणों ने भी नाराजगी जताई। संघर्ष समितियों ने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो दोनों क्षेत्रों के प्रताड़ित हजारों ग्रामीण सामूहिक रूप से सरकार का बहिष्कार करेंगे। करोड़ों रुपये की इस गड़बड़ी ने लोगों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी की समस्याएं खड़ी कर दी हैं। कई खाताधारकों ने अपनी जीवनभर की बचत इन सहकारी सभाओं में जमा करवाई थी।
विज्ञापन

इनसेट
हजारों परिवार प्रभावित, ग्रामीणों में बढ़ रहा रोष
दोनों सहकारी सभाओं में घोटाले के कारण इलाके के हजारों ग्रामीण अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। निवेशकों का कहना है कि आरोपियों की पहचान होने के बावजूद कार्रवाई बेहद धीमी है, जिससे लोगों में बेचैनी और अविश्वास बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि विभाग समय रहते कदम नहीं उठाता, तो वे सामूहिक रूप से बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
संघर्ष समितियों की मांग है कि फंसी हुई राशि तुरंत लौटाई जाए। घोटाले में शामिल दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए। जांच प्रक्रिया को तेज कर परिणाम सार्वजनिक किए जाएं। निवेशकों को राहत देने के लिए सरकार विशेष पैकेज या अंतरिम भुगतान पर भी विचार करे।
संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed