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Bilaspur News: स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में तमन्ना ने हासिल किया पहला स्थान
Thu, 30 Jan 2025 11:13 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 30 Jan 2025 11:13 PM IST
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बिलापसुर के संगासवी आंगनबाड़ी केंद्र (बरठीं) में विश्व कुष्ठ रोग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में श
-संगासवी आंगनबाड़ी केंद्र में विश्व कुष्ठ रोग दिवस पर कार्यक्रम आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। संगासवी आंगनबाड़ी केंद्र (बरठीं) में विश्व कुष्ठ रोग दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता ग्राम पंचायत विवेक पाराशर और महिला मंडल प्रधान सोम देवी ने की।
कार्यक्रम में महिलाओं के लिए स्लोगन लेखन प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसमें तमन्ना ठाकुर पहले, काजल दूसरे और आरुषि तीसरे स्थान पर रहीं। पंचायत प्रधान ने उपस्थित सभी लोगों को कुष्ठ रोग निवारण के लिए प्रतिज्ञा दिलाई। स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने कहा कि भारत में 30 जनवरी का दिन महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के साथ ही उनके कुष्ठ रोगियों के प्रति प्रेम, सद्भाव के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रभाव और उपचार विकल्पों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। समाज में इस रोग के कलंक और भेदभाव को समाप्त करना है। उन्होंने बताया कि इस रोग को लोगों की जागरूकता और एकजुटता से ही समाप्त किया जा सकता है। यह रोग मुख्य रूप से त्वचा, नसों और श्लेष्मा झिल्ली को प्रभावित करता है। कुष्ठ रोग के लक्षणों में त्वचा के घाव, सुन्नता और मांसपेशियों में कमजोरी शामिल है। कुष्ठ रोग संक्रमित व्यक्ति के नाक और मुंह से निकलने वाली बूंद के माध्यम से फैलता है। लेकिन इसके लिए लंबे समय तक संपर्क की आवश्यकता होती है। भारत सरकार ने राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम चलाया है। इस साल का लक्ष्य शीघ्र पहचान और उपचार की सुविधा बढ़ाना, कलंक को कम करना और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाना है। भारत सरकार ने 2027 तक कुष्ठ मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है। इस अवसर पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सरिता देवी, आशा सामाजिक कार्यकर्ता आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। संगासवी आंगनबाड़ी केंद्र (बरठीं) में विश्व कुष्ठ रोग दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता ग्राम पंचायत विवेक पाराशर और महिला मंडल प्रधान सोम देवी ने की।
कार्यक्रम में महिलाओं के लिए स्लोगन लेखन प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसमें तमन्ना ठाकुर पहले, काजल दूसरे और आरुषि तीसरे स्थान पर रहीं। पंचायत प्रधान ने उपस्थित सभी लोगों को कुष्ठ रोग निवारण के लिए प्रतिज्ञा दिलाई। स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने कहा कि भारत में 30 जनवरी का दिन महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के साथ ही उनके कुष्ठ रोगियों के प्रति प्रेम, सद्भाव के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रभाव और उपचार विकल्पों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। समाज में इस रोग के कलंक और भेदभाव को समाप्त करना है। उन्होंने बताया कि इस रोग को लोगों की जागरूकता और एकजुटता से ही समाप्त किया जा सकता है। यह रोग मुख्य रूप से त्वचा, नसों और श्लेष्मा झिल्ली को प्रभावित करता है। कुष्ठ रोग के लक्षणों में त्वचा के घाव, सुन्नता और मांसपेशियों में कमजोरी शामिल है। कुष्ठ रोग संक्रमित व्यक्ति के नाक और मुंह से निकलने वाली बूंद के माध्यम से फैलता है। लेकिन इसके लिए लंबे समय तक संपर्क की आवश्यकता होती है। भारत सरकार ने राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम चलाया है। इस साल का लक्ष्य शीघ्र पहचान और उपचार की सुविधा बढ़ाना, कलंक को कम करना और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाना है। भारत सरकार ने 2027 तक कुष्ठ मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है। इस अवसर पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सरिता देवी, आशा सामाजिक कार्यकर्ता आदि उपस्थित रहे।
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