{"_id":"6aaa87454b12b252c502eba9","slug":"sky-glass-brigde-to-be-built-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-167853-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: मंडी-भराड़ी में बनेगा स्काई वॉक ग्लास ब्रिज, साहसिक पर्यटन को लगेंगे पंखे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: मंडी-भराड़ी में बनेगा स्काई वॉक ग्लास ब्रिज, साहसिक पर्यटन को लगेंगे पंखे
विज्ञापन
क्रेन संरचना के ऊपर बनेगा ग्लास बॉटम ब्रिज, उपायुक्त ने किया परियोजना स्थल का निरीक्षण
गोबिंद सागर में 3 एस केबल कार और जिप लाइन भी प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी-भराड़ी को साहसिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने यहां मौजूदा भारी-भरकम क्रेन संरचना के ऊपर अत्याधुनिक स्काई वॉक ग्लास ब्रिज विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके साथ ही गोबिंद सागर जलाशय में 3 एस केबल कार, जिप लाइन और रिवर क्रॉसिंग जैसी साहसिक गतिविधियां शुरू करने की योजना है। उपायुक्त राहुल कुमार ने बुधवार को अधिकारियों के साथ प्रस्तावित परियोजना स्थल का निरीक्षण किया।
उपायुक्त ने बताया कि क्रेन संरचना की सुरक्षा और तकनीकी उपयुक्तता की जांच एनआईटी हमीरपुर की विशेषज्ञ टीम से करवाई जा चुकी है। जांच के बाद संरचना को सुरक्षित और प्रस्तावित परियोजना के लिए उपयुक्त पाया गया है। उन्होंने कहा कि स्काई वॉक ग्लास ब्रिज पर्यटकों और पैदल यात्रियों के लिए प्रमुख आकर्षण बनेगा। इससे पर्यटकों को गोबिंद सागर जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से देखने का नया अनुभव मिलेगा। परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग के पुल और प्रस्तावित प्लेटफॉर्म के बीच गोबिंद सागर जलाशय पर आधुनिक 3 एस केबल कार विकसित करने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा जलाशय के आर-पार जिप लाइन और रिवर क्रॉसिंग जैसी गतिविधियां शुरू की जाएंगी। क्रेन के ड्राइवर केबिन क्षेत्र में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट विकसित करने की योजना भी है।
राहुल कुमार ने कहा कि परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफओटी) आधार पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए ई-निविदाएं और आरएफपी आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवहार्यता और टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मंडी-भराड़ी में प्रस्तावित परियोजना के पूरा होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। निरीक्षण के दौरान एसडीएम बिलासपुर राज कुमार, जिला पर्यटन एवं विकास अधिकारी रजनीश शर्मा, तहसीलदार बाल कृष्ण, बीडीओ सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोबिंद सागर में 3 एस केबल कार और जिप लाइन भी प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी-भराड़ी को साहसिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने यहां मौजूदा भारी-भरकम क्रेन संरचना के ऊपर अत्याधुनिक स्काई वॉक ग्लास ब्रिज विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके साथ ही गोबिंद सागर जलाशय में 3 एस केबल कार, जिप लाइन और रिवर क्रॉसिंग जैसी साहसिक गतिविधियां शुरू करने की योजना है। उपायुक्त राहुल कुमार ने बुधवार को अधिकारियों के साथ प्रस्तावित परियोजना स्थल का निरीक्षण किया।
उपायुक्त ने बताया कि क्रेन संरचना की सुरक्षा और तकनीकी उपयुक्तता की जांच एनआईटी हमीरपुर की विशेषज्ञ टीम से करवाई जा चुकी है। जांच के बाद संरचना को सुरक्षित और प्रस्तावित परियोजना के लिए उपयुक्त पाया गया है। उन्होंने कहा कि स्काई वॉक ग्लास ब्रिज पर्यटकों और पैदल यात्रियों के लिए प्रमुख आकर्षण बनेगा। इससे पर्यटकों को गोबिंद सागर जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से देखने का नया अनुभव मिलेगा। परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग के पुल और प्रस्तावित प्लेटफॉर्म के बीच गोबिंद सागर जलाशय पर आधुनिक 3 एस केबल कार विकसित करने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा जलाशय के आर-पार जिप लाइन और रिवर क्रॉसिंग जैसी गतिविधियां शुरू की जाएंगी। क्रेन के ड्राइवर केबिन क्षेत्र में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट विकसित करने की योजना भी है।
विज्ञापन
राहुल कुमार ने कहा कि परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफओटी) आधार पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए ई-निविदाएं और आरएफपी आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवहार्यता और टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। मंडी-भराड़ी में प्रस्तावित परियोजना के पूरा होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। निरीक्षण के दौरान एसडीएम बिलासपुर राज कुमार, जिला पर्यटन एवं विकास अधिकारी रजनीश शर्मा, तहसीलदार बाल कृष्ण, बीडीओ सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन