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यूक्रेन में चारों तरफ बरस रही है दहशत भरी तबाही : संजय
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बिलासपुर (रामपुर)। यूक्रेन में फंसे एमबीबीएस के छात्र संजय दत्त शर्मा युद्ध शुरु होने की वजह से किसी तरह अपने तीन अन्य साथियों के साथ उज्बेकिस्तान होते हुए अपने घर लौट आए हैं। करीब साढ़े छह माह बाद दहशत भरे माहौल से अपने घर लौटे छात्र का परिजनों व संबंधियों ने फूल मालाओं व मिठाई खिलाकर स्वागत किया। संजय ने बताया कि हाईअलर्ट के दौरान उनकी फ्लाइट के बाद एक फ्लाइट और उड़ी थी। इसके बाद सारी फ्लाइटें निरस्त हो गई हैं। पूरे यूक्रेन में चारों तरफ दहशत और तबाहीभरा माहौल है और उसके अन्य साथियों को यूक्रेन सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से तहखानों में छिपा दिया है।
शुक्रवार की शाम करीब छह बजे क्षेत्र के ग्राम पट्टी बसंतपुर निवासी राजेंद्र कुमार शर्मा का पुत्र संजय दत्त शर्मा जो यूक्रेन की विन्नित्सिया नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। शुक्रवार शाम को वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ घर लौटा। संजय के माता-पिता राजेंद्र शर्मा, संतोष शर्मा व संबंधी अरविंद कुमार शर्मा, नीरू शर्मा, अवधेश शर्मा, ओंकार शर्मा, राधे शर्मा, राजेश शर्मा आदि ने तिलक लगाकर व मिठाई खिलाकर फूल मालाओं से स्वागत किया। संजय ने बताया कि यूक्रेन पर हुए हमले के दौरान पूरे देश में हाईअलर्ट जारी हो गया था। ऐसे में वह अपने अन्य साथियों के साथ भारत आने के लिए बेहद बेचैन था। वहां दहशत भरा डरावना माहौल था। ऐसे में किसी के माध्यम से उसने अपने तीन अन्य दोस्त आर्यन सिंह निवासी इटावा, मुकुल कुमार निवासी सहारनपुर, समकित जैन निवासी दिल्ली के साथ मिलकर यूक्रेन के एयरपोर्ट से उज्बेकिस्तान होते हुए भारत के लिए 42 हजार रुपये में टिकट बुक करा ली। वह अपने तीनों दोस्तों के साथ 23 फरवरी की शाम करीब सात बजे हवाई जहाज द्वारा करीब सात घंटे का सफर करके 24 फरवरी की सुबह ढाई बजे उज्बेकिस्तान के एयरपोर्ट पर पहुंच गए। यहां पहुंचकर उन्होंने राहत की सांस ली, जहां वह पूरे दिन रात रुके रहे। यूक्रेन में उनके आने के बाद कीव से ही एक और फ्लाइट याकिस्ताना की उड़ी थी। इसके बाद कीव से सारी फ्लाइटें निरस्त कर दी गईं। संजय ने बताया कि वह 24 तारीख की रात करीब ढाई बजे दिल्ली के लिए उड़े और दिल्ली 25 फरवरी की सुबह करीब छह बजे पहुंच गए। दिल्ली एयरपोर्ट पर परिजनों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह अपनी घर आ गए और उसके तीनों अन्य साथी भी अपने अपने घरों को दिल्ली से चले गए।
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संजय की यूनिवर्सिटी वाले शहर पर भी हुआ है केमिकल अटैक
बिलासपुर। यूक्रेन से लौटे ग्राम पट्टी बसंतपुर निवासी एमबीबीएस के छात्र संजय दत्त शर्मा ने बताया कि वह शुक्रवार की शाम अपने घर सुरक्षित तरीके से लौट आया है। आज दोपहर करीब 11 बजे उसकी विन्नित्सिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले अपने दोस्त राज व अभिनव निवासी बिहार से फोन पर बात की। उसके दोस्तों ने उसे बताया कि उन्हें सुबह ही यूक्रेन प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के समीप ही भूमिगत तहखाने यानी बेसमेंट में सुरक्षित तरीके से ठहरा दिया है। इसके बाद उन्हें मालूम हुआ है कि विन्नित्सिया शहर पर केमिकल अटैक हुआ है। जिसके कारण वह लोग बेहद डरे हुए हैं और भगवान से सुरक्षित तरीके से अपने घर पहुंचने की प्रार्थना कर रहे हैं। उसके दोस्तों ने संजय को यह भी बताया कि वहां पर लगातार हो रहे हमलों की वजह से डर और दहशत और अधिक बढ़ गई है।
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अन्य साधनों से भारतीय छात्रों को उनके घर भेजने की तैयारी कर रही है यूक्रेन सरकार
बिलासपुर। यूक्रेन से लौटे छात्र संजय दत्त शर्मा ने बताया कि उसकी कुछ दोस्तों से शुक्रवार जो बातचीत हुई, तो उसमें उसके दोस्तों ने बताया कि वहां की यूक्रेन सरकार भारतीय छात्रों की जानकारी जुटा रही है। यूक्रेन के अधिकारी सभी छात्र छात्राओं से उनके दस्तावेज आदि एकत्र कर रहे हैं। ताकि, सभी छात्र छात्राओं को सुरक्षित तरीके से बस, स्पेशल ट्रेन आदि ट्रांसपोर्ट के जरिए नजदीक के देश रोमानिया, पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया आदि देशों में पहुंचाया जा सके। इसके बाद सभी छात्र छात्राएं इन देशों से भारत को सुरक्षित पहुंच सकें। संजय का कहना है कि अब वहां स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ऐसे में अब लोगों को अपनी जान बचानी मुश्किल पड़ रही है। बिजली और इंटरनेट आदि सुविधाएं पूरी तरह से बाधित होती जा रही हैं। ऐसे में खानपान की सामग्री खरीदने में भी किल्लत महसूस हो रही है।
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संजय को देखकर रो पड़े माता पिता
बिलासपुर। ग्राम पट्टी बसंतपुर स्थित अपने घर संजय दत्त शर्मा अपने मामा अवधेश शर्मा व अरविंद शर्मा के साथ शुक्रवार की शाम करीब छह बजे पहुंचे तो उनके माता पिता राजेंद्र शर्मा व संतोष शर्मा अपने पुत्र को देखकर खुशी में रो पड़े और चिपक कर काफी देर तक रोते रहे। इस दौरान उपस्थित लोगों की आंखें भी छलक आईं। संजय को सुरक्षित तरीके से घर आया देख तमाम ग्रामीण व संबंधी खुशी की वजह से अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। बाद में सभी ने संजय को मिठाई खिलाकर उसका हौसला बढ़ाया।
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शुक्रवार की शाम करीब छह बजे क्षेत्र के ग्राम पट्टी बसंतपुर निवासी राजेंद्र कुमार शर्मा का पुत्र संजय दत्त शर्मा जो यूक्रेन की विन्नित्सिया नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। शुक्रवार शाम को वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ घर लौटा। संजय के माता-पिता राजेंद्र शर्मा, संतोष शर्मा व संबंधी अरविंद कुमार शर्मा, नीरू शर्मा, अवधेश शर्मा, ओंकार शर्मा, राधे शर्मा, राजेश शर्मा आदि ने तिलक लगाकर व मिठाई खिलाकर फूल मालाओं से स्वागत किया। संजय ने बताया कि यूक्रेन पर हुए हमले के दौरान पूरे देश में हाईअलर्ट जारी हो गया था। ऐसे में वह अपने अन्य साथियों के साथ भारत आने के लिए बेहद बेचैन था। वहां दहशत भरा डरावना माहौल था। ऐसे में किसी के माध्यम से उसने अपने तीन अन्य दोस्त आर्यन सिंह निवासी इटावा, मुकुल कुमार निवासी सहारनपुर, समकित जैन निवासी दिल्ली के साथ मिलकर यूक्रेन के एयरपोर्ट से उज्बेकिस्तान होते हुए भारत के लिए 42 हजार रुपये में टिकट बुक करा ली। वह अपने तीनों दोस्तों के साथ 23 फरवरी की शाम करीब सात बजे हवाई जहाज द्वारा करीब सात घंटे का सफर करके 24 फरवरी की सुबह ढाई बजे उज्बेकिस्तान के एयरपोर्ट पर पहुंच गए। यहां पहुंचकर उन्होंने राहत की सांस ली, जहां वह पूरे दिन रात रुके रहे। यूक्रेन में उनके आने के बाद कीव से ही एक और फ्लाइट याकिस्ताना की उड़ी थी। इसके बाद कीव से सारी फ्लाइटें निरस्त कर दी गईं। संजय ने बताया कि वह 24 तारीख की रात करीब ढाई बजे दिल्ली के लिए उड़े और दिल्ली 25 फरवरी की सुबह करीब छह बजे पहुंच गए। दिल्ली एयरपोर्ट पर परिजनों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह अपनी घर आ गए और उसके तीनों अन्य साथी भी अपने अपने घरों को दिल्ली से चले गए।
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संजय की यूनिवर्सिटी वाले शहर पर भी हुआ है केमिकल अटैक
बिलासपुर। यूक्रेन से लौटे ग्राम पट्टी बसंतपुर निवासी एमबीबीएस के छात्र संजय दत्त शर्मा ने बताया कि वह शुक्रवार की शाम अपने घर सुरक्षित तरीके से लौट आया है। आज दोपहर करीब 11 बजे उसकी विन्नित्सिया यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले अपने दोस्त राज व अभिनव निवासी बिहार से फोन पर बात की। उसके दोस्तों ने उसे बताया कि उन्हें सुबह ही यूक्रेन प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के समीप ही भूमिगत तहखाने यानी बेसमेंट में सुरक्षित तरीके से ठहरा दिया है। इसके बाद उन्हें मालूम हुआ है कि विन्नित्सिया शहर पर केमिकल अटैक हुआ है। जिसके कारण वह लोग बेहद डरे हुए हैं और भगवान से सुरक्षित तरीके से अपने घर पहुंचने की प्रार्थना कर रहे हैं। उसके दोस्तों ने संजय को यह भी बताया कि वहां पर लगातार हो रहे हमलों की वजह से डर और दहशत और अधिक बढ़ गई है।
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अन्य साधनों से भारतीय छात्रों को उनके घर भेजने की तैयारी कर रही है यूक्रेन सरकार
बिलासपुर। यूक्रेन से लौटे छात्र संजय दत्त शर्मा ने बताया कि उसकी कुछ दोस्तों से शुक्रवार जो बातचीत हुई, तो उसमें उसके दोस्तों ने बताया कि वहां की यूक्रेन सरकार भारतीय छात्रों की जानकारी जुटा रही है। यूक्रेन के अधिकारी सभी छात्र छात्राओं से उनके दस्तावेज आदि एकत्र कर रहे हैं। ताकि, सभी छात्र छात्राओं को सुरक्षित तरीके से बस, स्पेशल ट्रेन आदि ट्रांसपोर्ट के जरिए नजदीक के देश रोमानिया, पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया आदि देशों में पहुंचाया जा सके। इसके बाद सभी छात्र छात्राएं इन देशों से भारत को सुरक्षित पहुंच सकें। संजय का कहना है कि अब वहां स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ऐसे में अब लोगों को अपनी जान बचानी मुश्किल पड़ रही है। बिजली और इंटरनेट आदि सुविधाएं पूरी तरह से बाधित होती जा रही हैं। ऐसे में खानपान की सामग्री खरीदने में भी किल्लत महसूस हो रही है।
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संजय को देखकर रो पड़े माता पिता
बिलासपुर। ग्राम पट्टी बसंतपुर स्थित अपने घर संजय दत्त शर्मा अपने मामा अवधेश शर्मा व अरविंद शर्मा के साथ शुक्रवार की शाम करीब छह बजे पहुंचे तो उनके माता पिता राजेंद्र शर्मा व संतोष शर्मा अपने पुत्र को देखकर खुशी में रो पड़े और चिपक कर काफी देर तक रोते रहे। इस दौरान उपस्थित लोगों की आंखें भी छलक आईं। संजय को सुरक्षित तरीके से घर आया देख तमाम ग्रामीण व संबंधी खुशी की वजह से अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। बाद में सभी ने संजय को मिठाई खिलाकर उसका हौसला बढ़ाया।
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