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Bilaspur News: घुमारवीं में आरएसएस ने निकाला पथ संचलन
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घुमारवीं में पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवी। स्रोत: जागरूक पाठक
शताब्दी वर्ष पर पंच परिवर्तन अपनाने का आह्वान, स्वदेशी और सामाजिक समरसता पर दिया जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। विजयदशमी पर घुमारवीं में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से पथ संचलन निकाला गया। स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकजुटता के साथ भाग लेकर राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया। कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शस्त्र पूजा भी की गई। संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में समाज सेवा को गति देने और पंच परिवर्तन के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री सम्मानित हरिमन शर्मा ने की, जबकि सेवा भारती के प्रदेश महामंत्री अवतार चौहान मुख्य वक्ता रहे। आयोजन नगर संघ चालक विपुल ठाकुर की देखरेख में हुआ। अवतार चौहान ने संघ की सौ वर्ष की यात्रा और समाज सेवा के कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष समाज में सेवा, संस्कार और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने स्वयंसेवकों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने और आपसी सद्भाव बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन में स्वदेशी, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य और पर्यावरण संरक्षण शामिल हैं। स्वदेशी अपनाने से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को बढ़ावा मिलता है। वहीं, सामाजिक समरसता के लिए भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को समाज के विकास में योगदान देना चाहिए।
चौहान ने परिवारों में अच्छे संस्कार, आपसी संवाद और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों के पालन और पर्यावरण संरक्षण को प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बदलाव के लिए विचारों को व्यवहार में उतारना जरूरी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। विजयदशमी पर घुमारवीं में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से पथ संचलन निकाला गया। स्वयंसेवकों ने अनुशासन और एकजुटता के साथ भाग लेकर राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया। कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शस्त्र पूजा भी की गई। संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में समाज सेवा को गति देने और पंच परिवर्तन के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री सम्मानित हरिमन शर्मा ने की, जबकि सेवा भारती के प्रदेश महामंत्री अवतार चौहान मुख्य वक्ता रहे। आयोजन नगर संघ चालक विपुल ठाकुर की देखरेख में हुआ। अवतार चौहान ने संघ की सौ वर्ष की यात्रा और समाज सेवा के कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष समाज में सेवा, संस्कार और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने स्वयंसेवकों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने और आपसी सद्भाव बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन में स्वदेशी, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य और पर्यावरण संरक्षण शामिल हैं। स्वदेशी अपनाने से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को बढ़ावा मिलता है। वहीं, सामाजिक समरसता के लिए भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को समाज के विकास में योगदान देना चाहिए।
चौहान ने परिवारों में अच्छे संस्कार, आपसी संवाद और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों के पालन और पर्यावरण संरक्षण को प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बदलाव के लिए विचारों को व्यवहार में उतारना जरूरी है।
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