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Bilaspur News: रोपवे प्रबंधन पर समझौता न करने का आरोप, 15 दिन का अल्टीमेटम
Thu, 08 Jan 2026 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 08 Jan 2026 11:34 PM IST
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श्री नयना देवी जी में आयोजित हिमाचल वन एवं निर्माण उद्योग कामगार संगठन की बैठक में भाग लेने वाल
श्री नयना देवी जी में हुई कामगार संगठन की बैठक
रोपवे के कामगारों से जुड़े विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। हिमाचल वन एवं निर्माण उद्योग कामगार संगठन शाखा रोपवे श्री नयना देवी जी की बैठक श्री नयना देवी जी में हुई। अध्यक्षता इंटक के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने की। बैठक में रोपवे कामगारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
भगत सिंह वर्मा ने बताया कि गणपति रोपवे के साथ 1 अक्टूबर 2021 को हुआ समझौता 30 सितंबर 2025 को समाप्त हो चुका है, लेकिन चार माह बीत जाने के बावजूद रोपवे प्रबंधन ने संगठन के साथ कोई नया समझौता नहीं किया। इससे कामगारों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रोपवे प्रबंधन को 15 दिन के भीतर नया समझौता करने का अल्टीमेटम दिया गया है। मांगों में सभी कामगारों को 40 हजार रुपये मासिक वेतन, 20 प्रतिशत बोनस भत्ता, न्यूनतम तीन हजार रुपये, वार्षिक मेला भत्ता, सरकार द्वारा समय-समय पर घोषित महंगाई भत्ता, मेडिकल भत्ता और मकान भत्ता शामिल हैं। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर कर्मचारियों को 50 हजार रुपये अग्रिम राशि देने की भी मांग रखी गई है। वर्मा ने कहा कि रोपवे में कार्यरत अधिकांश कामगार निपुण श्रेणी में आते हैं और कुछ कर्मचारी पिछले 18 वर्षों से कंपनी में सेवाएं दे रहे हैं, जिन्हें नियमित किया जाना चाहिए। साथ ही रोपवे संचालन के लिए अपर और लोअर टर्मिनल पर नियमित रूप से पांच-पांच कामगारों की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। इंटक प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने रोपवे प्रबंधन पर चोर दरवाजे से भर्तियां करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तृतीय श्रेणी के पदों पर बाहरी राज्यों से नियुक्तियां की जा रही हैं, जबकि 25 से 30 वर्षों से सेवाएं दे रहे स्थानीय कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित रखा जा रहा है। इस पर इंटक ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश इंटक प्रबंधन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी रोपवे प्रबंधन की होगी। इस मौके पर रोपवे श्री नयना देवी जी (इंटक) के प्रधान रमेश कुमार, महासचिव जोधाराम, उप प्रधान तरसेम सिंह, सदस्य सुभाष शर्मा, भूपेंद्र सिंह और जिला प्रधान रामपाल उपस्थित रहे।
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रोपवे के कामगारों से जुड़े विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। हिमाचल वन एवं निर्माण उद्योग कामगार संगठन शाखा रोपवे श्री नयना देवी जी की बैठक श्री नयना देवी जी में हुई। अध्यक्षता इंटक के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने की। बैठक में रोपवे कामगारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
भगत सिंह वर्मा ने बताया कि गणपति रोपवे के साथ 1 अक्टूबर 2021 को हुआ समझौता 30 सितंबर 2025 को समाप्त हो चुका है, लेकिन चार माह बीत जाने के बावजूद रोपवे प्रबंधन ने संगठन के साथ कोई नया समझौता नहीं किया। इससे कामगारों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रोपवे प्रबंधन को 15 दिन के भीतर नया समझौता करने का अल्टीमेटम दिया गया है। मांगों में सभी कामगारों को 40 हजार रुपये मासिक वेतन, 20 प्रतिशत बोनस भत्ता, न्यूनतम तीन हजार रुपये, वार्षिक मेला भत्ता, सरकार द्वारा समय-समय पर घोषित महंगाई भत्ता, मेडिकल भत्ता और मकान भत्ता शामिल हैं। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर कर्मचारियों को 50 हजार रुपये अग्रिम राशि देने की भी मांग रखी गई है। वर्मा ने कहा कि रोपवे में कार्यरत अधिकांश कामगार निपुण श्रेणी में आते हैं और कुछ कर्मचारी पिछले 18 वर्षों से कंपनी में सेवाएं दे रहे हैं, जिन्हें नियमित किया जाना चाहिए। साथ ही रोपवे संचालन के लिए अपर और लोअर टर्मिनल पर नियमित रूप से पांच-पांच कामगारों की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। इंटक प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने रोपवे प्रबंधन पर चोर दरवाजे से भर्तियां करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तृतीय श्रेणी के पदों पर बाहरी राज्यों से नियुक्तियां की जा रही हैं, जबकि 25 से 30 वर्षों से सेवाएं दे रहे स्थानीय कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित रखा जा रहा है। इस पर इंटक ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश इंटक प्रबंधन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी रोपवे प्रबंधन की होगी। इस मौके पर रोपवे श्री नयना देवी जी (इंटक) के प्रधान रमेश कुमार, महासचिव जोधाराम, उप प्रधान तरसेम सिंह, सदस्य सुभाष शर्मा, भूपेंद्र सिंह और जिला प्रधान रामपाल उपस्थित रहे।
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