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Bilaspur News: घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण अटका, ग्रामीणों का धैर्य टूटा
Thu, 27 Nov 2025 11:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 27 Nov 2025 11:16 PM IST
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घुमारवीं के तहत गांव दाबला, गतोल और रंडोह की सड़क। संवाद
दाबला, गतोल व रंडोह के लोग बुनियादी सुविधा से अब भी वंचित
कच्ची सड़क की बदहाल स्थिति लोगों के लिए बनी रोज की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के गांव दाबला, गतोल और रंडोह के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। आजादी के दशकों बाद भी पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा न मिल पाना इन गांवों के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है।
कच्ची सड़क की बदहाल स्थिति लोगों के लिए रोजमर्रा की परेशानी का कारण बनी हुई है।
गड्ढों से भरे रास्तों से होकर मुख्य सड़क तक पहुंचना जहां जोखिम भरा हो जाता है, वहीं आवश्यक सामान लाने-ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। फिसलन भरे, तालाब नुमा रास्तों से होकर बच्चों को स्कूल भेजना भी परिवारों के लिए चुनौती बन जाता है। कई बार दोपहिया वाहन तक चल पाना संभव नहीं हो पाता, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 25 वर्ष पहले गांवों तक एक कच्ची सड़क अवश्य निकाली गई थी, लेकिन इसके बाद भी इसे पक्का करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के दावे जरूर किए जाते हैं, लेकिन इन तीनों गांवों के लिए यह वादा आज भी अधूरा ही है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनावी मौसम में नेता सड़क निर्माण का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद गांव की ओर ध्यान देना जरूरी नहीं समझते। ग्रामीणों ने बताया कि 4.6 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित सड़क के लिए पांच करोड़ 80 लाख रुपये का बजट सरकार की ओर से जारी हो चुका है। कुछ महीने पहले निर्माण कार्य शुरू होने की तैयारी भी कर ली गई थी। मशीनरी मौके पर पहुंच गई थी और शिलान्यास पट्टिका भी लगा दी गई थी। लेकिन एक ही रात में स्थिति बदल गई। अगले दिन न मशीनरी दिखाई दी और न ही पट्टिका।
ग्रामीणों के अनुसार विभाग इस देरी की वजह गिफ्ट डीड का समय पर उपलब्ध न होना बता रहा है, जबकि ग्रामीण इसे बहाना मान रहे हैं। उनका आरोप है कि विभाग और सरकार उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे।
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लोक निर्माण विभाग घुमारवीं के सहायक अभियंता अनुज पराशर ने बताया कि सड़क के लिए बजट उपलब्ध है, लेकिन कुछ लोगों ने गिफ्ट डीड अभी तक विभाग को जमा नहीं करवाई है, जिसकी वजह से निर्माण कार्य रुक गया है। जैसे ही विभाग को गिफ्ट डीड प्राप्त होगी, सड़क का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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कच्ची सड़क की बदहाल स्थिति लोगों के लिए बनी रोज की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के गांव दाबला, गतोल और रंडोह के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। आजादी के दशकों बाद भी पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा न मिल पाना इन गांवों के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है।
कच्ची सड़क की बदहाल स्थिति लोगों के लिए रोजमर्रा की परेशानी का कारण बनी हुई है।
गड्ढों से भरे रास्तों से होकर मुख्य सड़क तक पहुंचना जहां जोखिम भरा हो जाता है, वहीं आवश्यक सामान लाने-ले जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बरसात में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। फिसलन भरे, तालाब नुमा रास्तों से होकर बच्चों को स्कूल भेजना भी परिवारों के लिए चुनौती बन जाता है। कई बार दोपहिया वाहन तक चल पाना संभव नहीं हो पाता, जिससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 25 वर्ष पहले गांवों तक एक कच्ची सड़क अवश्य निकाली गई थी, लेकिन इसके बाद भी इसे पक्का करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के दावे जरूर किए जाते हैं, लेकिन इन तीनों गांवों के लिए यह वादा आज भी अधूरा ही है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनावी मौसम में नेता सड़क निर्माण का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद गांव की ओर ध्यान देना जरूरी नहीं समझते। ग्रामीणों ने बताया कि 4.6 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित सड़क के लिए पांच करोड़ 80 लाख रुपये का बजट सरकार की ओर से जारी हो चुका है। कुछ महीने पहले निर्माण कार्य शुरू होने की तैयारी भी कर ली गई थी। मशीनरी मौके पर पहुंच गई थी और शिलान्यास पट्टिका भी लगा दी गई थी। लेकिन एक ही रात में स्थिति बदल गई। अगले दिन न मशीनरी दिखाई दी और न ही पट्टिका।
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ग्रामीणों के अनुसार विभाग इस देरी की वजह गिफ्ट डीड का समय पर उपलब्ध न होना बता रहा है, जबकि ग्रामीण इसे बहाना मान रहे हैं। उनका आरोप है कि विभाग और सरकार उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे।
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लोक निर्माण विभाग घुमारवीं के सहायक अभियंता अनुज पराशर ने बताया कि सड़क के लिए बजट उपलब्ध है, लेकिन कुछ लोगों ने गिफ्ट डीड अभी तक विभाग को जमा नहीं करवाई है, जिसकी वजह से निर्माण कार्य रुक गया है। जैसे ही विभाग को गिफ्ट डीड प्राप्त होगी, सड़क का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।