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उच्चाधिकारियों की मंजूरी के बाद होगा फोरलेन निर्माण

Tue, 22 Oct 2019 10:45 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2019 10:45 PM IST
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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के बदले गए रूट पर अब कहां से निर्माण कार्य होगा इस संबंध में विभाग के उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद आगामी कार्रवाई होगी। अब विभाग के उच्च अधिकारी तय करेंगे की फोरलेन निर्माण बदले गए प्लान के तहत होगा या फिर तय रोड अलाइनमेंट प्लान के तहत। उक्त जानकारी वन अधिकारी बिलासपुर सरोज भाई पटेल ने अपने कार्यालय के पत्र संख्या 7439 दिनांक 17-10-2019 के तहत दी है।
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उल्लेखनीय है कि फोरलेन निर्माण के दौरान निर्माण कर रही कंपनी और एनएचएआई ने अपनी मर्जी से ही रोड अलाइनमेंट प्लान बदल दिया था जिसकी शिकायत फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार देहरादून को की थी। मंत्रालय ने जांच के लिए राज्य सरकार तथा राज्य सरकार ने मुख्य अरण्यपाल वन शिमला को जांच के आदेश दिए। इस पर जिला वन अधिकारी ने तीन विभागों की 15 सदस्यीय टीम बना कर जांच करवाई। जांच में विभागों ने पुष्टि की कि 10 किमी में करीब पांच किमी के रूट को बदला गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद समिति ने मंत्रालय से जानकारी मांगी कि अब सड़क का निर्माण कहां होगा बदले हुए रूट पर या भारत सरकार की ओर से मंजूर रूट पर। इस पर जिला वन अधिकारी ने पहले यह जानकारी दी कि यह सूचना इस कार्यालय में उपलब्ध नहीं है लेकिन उसके बाद साथ में यह भी पुष्टि की है कि उच्चाधिकारियों की अनुमति के बिना कहीं भी काम नहीं किया जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि इस बदले हुए रूट पर उपरोक्त विभागों की मिली भगत और अधिकारियों के निजी हित के लिए टनल नंबर दो सुनण, थापना, टाली, तुननु ब्रिज, टनल नंबर तीन, ढलयार, पट्टा, भराड़ी ब्रिज को बदल दिया गया। जबकि बाकि अन्य तहसीलों में बदले गए रूट की जांच चली हुई है। इसमें निरीक्षण टीम को अब भूमि अधिग्रहण प्लान व आरओडब्ल्यू को ओवर लैंप कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट डीसी बिलासपुर तथा फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति को रिपोर्ट भेजनी तय है।
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विस्थापितों में सीता राम, जगदीश राम, सरवन, रामपाल, जोगिंद्र, सुखराम, सदाराम, लेखराम, बलदेव, जगतराम, उपप्रधान चिंता देवी, राकेश, अशोक कुमार, सरवन, भगत राम व रवि आदि ने अधिकारियों द्वारा नियमों के विरुद्ध किए जा रहे काम पर रोष जताया है।
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