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Bilaspur News: जिले में पंचातयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव, बाह, बैरी दड़ोला नाम से बनेंगी नई ग्राम पंचायतें
Wed, 11 Mar 2026 11:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:48 PM IST
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विभाग ने जारी की अधिसूचना, घुमारवीं, झंडूता विकास खंड में प्रस्तावित बदलाव
गाहर व बैहना जट्टा ग्राम पंचायतों के कुछ गांवों को किया जाएगा अलग
विभाजन पर प्रशासन ने 15 दिन के भीतर मांगे सुझाव और आपत्तियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने जिले में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर अधिसूचना जारी की है। जारी अधिसूचना के अनुसार जिले के घुमारवीं और झंडूता विकास खंड में दो नई ग्राम सभाओं के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत विकास खंड घुमारवीं में बाह और विकास खंड झंडूता में बैरी दड़ोला नाम से नई ग्राम सभाएं गठित की जानी प्रस्तावित हैं।
अधिसूचना के अनुसार विकास खंड घुमारवीं की वर्तमान ग्राम पंचायत गाहर में शामिल गांवों का पुनर्गठन करते हुए पदोड़ी, देहलवीं, बाह, चडवाली, द्राहल, खसवीं और केट गांवों को मिलाकर नई ग्राम पंचायत बाह बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इन गांवों के अलग होने के बाद शेष गांव पहले की तरह ग्राम सभा गाहर के अंतर्गत ही रहेंगे। इसी प्रकार विकास खंड झंडूता की वर्तमान ग्राम पंचायत बेहना जट्टा के अंतर्गत आने वाले कुछ गांवों को अलग कर नई ग्राम पंचायत बैरी दड़ोला बनाने का प्रस्ताव किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार बैरी दड़ोला, लधेड़ा, सोपता और बेरला गांवों को मिलाकर नई ग्राम पंचायत बैरी दड़ोला गठित की जाएगी, जबकि अन्य गांव पहले की तरह ग्राम सभा बेहना जट्टा में शामिल रहेंगे। पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के तहत तैयार किया गया है। प्रस्तावित पुनर्गठन के संबंध में यदि किसी ग्राम सभा सदस्य या संबंधित व्यक्ति को कोई आपत्ति या सुझाव देना हो तो वह अधिसूचना जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर उपायुक्त बिलासपुर के माध्यम से अपना लिखित सुझाव या आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर प्राप्त होने वाले सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही ग्राम सभाओं के पुनर्गठन और नई ग्राम सभाओं के गठन को लेकर अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके लिए उपायुक्त बिलासपुर को आवश्यक कार्रवाई और प्रस्तावों को विभाग तक भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अधिसूचना की जानकारी संबंधित ग्राम सभाओं में व्यापक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि ग्रामीण अपने सुझाव और आपत्तियां निर्धारित समय के भीतर दे सकें।
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गाहर व बैहना जट्टा ग्राम पंचायतों के कुछ गांवों को किया जाएगा अलग
विभाजन पर प्रशासन ने 15 दिन के भीतर मांगे सुझाव और आपत्तियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग ने जिले में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर अधिसूचना जारी की है। जारी अधिसूचना के अनुसार जिले के घुमारवीं और झंडूता विकास खंड में दो नई ग्राम सभाओं के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत विकास खंड घुमारवीं में बाह और विकास खंड झंडूता में बैरी दड़ोला नाम से नई ग्राम सभाएं गठित की जानी प्रस्तावित हैं।
अधिसूचना के अनुसार विकास खंड घुमारवीं की वर्तमान ग्राम पंचायत गाहर में शामिल गांवों का पुनर्गठन करते हुए पदोड़ी, देहलवीं, बाह, चडवाली, द्राहल, खसवीं और केट गांवों को मिलाकर नई ग्राम पंचायत बाह बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इन गांवों के अलग होने के बाद शेष गांव पहले की तरह ग्राम सभा गाहर के अंतर्गत ही रहेंगे। इसी प्रकार विकास खंड झंडूता की वर्तमान ग्राम पंचायत बेहना जट्टा के अंतर्गत आने वाले कुछ गांवों को अलग कर नई ग्राम पंचायत बैरी दड़ोला बनाने का प्रस्ताव किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार बैरी दड़ोला, लधेड़ा, सोपता और बेरला गांवों को मिलाकर नई ग्राम पंचायत बैरी दड़ोला गठित की जाएगी, जबकि अन्य गांव पहले की तरह ग्राम सभा बेहना जट्टा में शामिल रहेंगे। पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के तहत तैयार किया गया है। प्रस्तावित पुनर्गठन के संबंध में यदि किसी ग्राम सभा सदस्य या संबंधित व्यक्ति को कोई आपत्ति या सुझाव देना हो तो वह अधिसूचना जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर उपायुक्त बिलासपुर के माध्यम से अपना लिखित सुझाव या आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर प्राप्त होने वाले सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही ग्राम सभाओं के पुनर्गठन और नई ग्राम सभाओं के गठन को लेकर अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके लिए उपायुक्त बिलासपुर को आवश्यक कार्रवाई और प्रस्तावों को विभाग तक भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अधिसूचना की जानकारी संबंधित ग्राम सभाओं में व्यापक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि ग्रामीण अपने सुझाव और आपत्तियां निर्धारित समय के भीतर दे सकें।
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