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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के बयान पर भड़कीकरणी और अटल सेना

Tue, 25 Aug 2020 11:24 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2020 11:24 PM IST
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Political
बिलासपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप के एक संगठन-एक पद के नाम वाले बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा हो गई है। एक तरफ जहां पार्टी अध्यक्ष एक संगठन-एक पद की बात कर रहे हैं। वहीं खुद इस फरमान को लेकर उन पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्योंकि हाल ही में प्रदेशाध्यक्ष के पद पर नियुक्त हुए सुरेश कश्यप शिमला संसदीय क्षेत्र (आरक्षित) से अभी भी सांसद हैं। प्रदेश में गैर राजनीतिक संगठनों में करणी सेना और भारतीय अटल सेना राष्ट्रवादी खुलकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के बयान के खिलाफ खड़े हो गए हैं।
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एक तरफ जहां अटल सेना के प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा जिला उपाध्यक्ष बिलासपुर के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है। वहीं करणी सेना ने भी भाजपा को चेताया है कि गैर राजनीतिक संगठनों से ही भाजपा का वजूद है। करणी सेना के प्रदेश महासचिव शशि शर्मा ने बताया कि एक संगठन-एक पद का दंभ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष भर रहे हैं। वे भूल गए हैं कि उस पार्टी का वजूद ही गैर राजनैतिक संगठन हैं। बताया कि अगर एक पद एक संगठन पर ही पार्टी कार्य करेगी तो आधे से ज्यादा भाजपा के प्राथमिक सदस्य ऐसे हैं जो गैर राजनीतिक संगठनों से जुड़े हुए हैं। करणी सेना की प्रदेश भर में 50 हजार सदस्य हैं। इसमें करीब 70 प्रतिशत ऐसे लोग जुड़े हैं जो भाजपा के प्राथमिक सदस्य हैं। वहीं ऐसे ही अटल सेना का आंकड़ा देखें तो हाल ही में निर्मित इस संगठन के प्रदेश भर में 2 हजार सदस्य हैं। इसमें से 1500 के करीब भाजपा के प्राथमिक सदस्य और पदाधिकारी भी शामिल हैं। शशि शर्मा ने बताया कि भाजपा अब अपने वजूद को नकार रही है। जबकि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष खुद दो पदों पर काम कर रहे हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं और दूसरी तरफ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं।
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भाजपा का वजूद ही गैर राजनीतिक संगठनों से हैं। साल 1925 में नागपुर से आरएसएस का जन्म हुआ। इसकी अनेक शाखाएं बनीं। इनमें मुख्य राजनीतिक क्षेत्र में भाजपा, धार्मिक क्षेत्र में विश्व हिंदू परिषद, छात्र राजनीति में एबीवीपी, अन्य शाखाओं में बजरंग दल, भारतीय किसान मोर्चा, भारतीय मजदूर संघ, शिक्षा क्षेत्र में विद्या भारती, सेवा क्षेत्र में सेवा भारती, स्वदेशी जागरण मंच जैसे संगठन हैं। उक्त सभी संगठन परोक्ष-अपरोक्ष रूप से भाजपा के लिए काम करते हैं। वहीं अब सवाल यह उठता है कि अगर भाजपा गैर राजनीतिक संगठनों को लेकर कोई बड़ा निर्णय लेती है तो प्रदेश भर में कितने प्राथमिक सदस्य भाजपा से अलग होंगे। पार्टी किस तरह से इस नुकसान की भरपाई करेगी।
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शशि शर्मा, करणी सेना प्रदेश महासचिव
इनसेट
1977 से पहले जनसंघ के रूप में कार्य कर रहे संगठन को 1977 में भाजपा का प्रारूप मिला। लेकिन पार्टी का जन्म गैर राजनीतिक संगठन से ही हुआ है। अभी भाजपा के जिला उपाध्यक्ष के पद से त्यागपत्र दिया है। वर्तमान में मैं भाजपा का प्राथमिक सदस्य हूं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के बयान के बाद प्रदेश भर से अटल सेना के कार्यकर्ता भाजपा की सदस्यता से निष्क्रिय होने की बात कर रहे हैं। लेकिन अभी पार्टी से उम्मीद की जा रही है कि अपने इस फरमान को वापस ले। अगर इसे लागू किया गया तो पार्टी के अन्य पदाधिकारी जो अटल सेना से जुड़े हैं उनके त्याग पत्र और जिनकी प्राथमिक सदस्यता है उससे निष्क्रिय होने का फैसला लिया जाएगा।
जोरावर सिंह, प्रदेशाध्यक्ष अटल सेना राष्ट्रवादी
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