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Bilaspur News: पैराग्लाइडर प्रशिक्षुओं ने हवा में दिखाए करतब
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आज गोबिंद सागर झील के बीचोंबीच उतरेंगे प्रशिक्षु
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पैराग्लाइडिंग एडवांस (एसआईवी) कोर्स में बुधवार को प्रशिक्षुओं को हवा में कलाबाजी का प्रशिक्षण दिया गया। वीरवार को प्रशिक्षु रिजर्व पैराशूट का प्रयोग कर गोबिंद सागर झील में उतरेंगे।
बंदलाधार में दूसरे बैच का प्रशिक्षण भी चल रहा है। बुधवार को प्रशिक्षुओं ने तीन-तीन उड़ानें भरीं। इस दौरान उन्होंने हवा में कई कलाबाजियां कीं और गोविंद सागर झील के किनारे सुरक्षित लैंडिंग की। भारत के नंबर एक एक्रो पायलट पुणे के तानाजी टाकवे इन पायलटों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। लैंडिंग साइट पर स्वयं मौजूद रहते हैं। इस दौरान प्रशिक्षुओं को वॉकी टॉकी के माध्यम से दिशानिर्देश देते हैं। आज सभी प्रशिक्षुओं को आपातकालीन स्थिति में झील में उतरना सिखाया जाएगा। इस दौरान रिजर्व पैराशूट का प्रयोग करेंगे। झील में दो मोटर बोट तैनात की गई हैं जिनके माध्यम से प्रशिक्षुओं को किनारे तक लाया जाता है। दूसरे बैच में भी 25 प्रशिक्षु भाग लेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पैराग्लाइडिंग एडवांस (एसआईवी) कोर्स में बुधवार को प्रशिक्षुओं को हवा में कलाबाजी का प्रशिक्षण दिया गया। वीरवार को प्रशिक्षु रिजर्व पैराशूट का प्रयोग कर गोबिंद सागर झील में उतरेंगे।
बंदलाधार में दूसरे बैच का प्रशिक्षण भी चल रहा है। बुधवार को प्रशिक्षुओं ने तीन-तीन उड़ानें भरीं। इस दौरान उन्होंने हवा में कई कलाबाजियां कीं और गोविंद सागर झील के किनारे सुरक्षित लैंडिंग की। भारत के नंबर एक एक्रो पायलट पुणे के तानाजी टाकवे इन पायलटों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। लैंडिंग साइट पर स्वयं मौजूद रहते हैं। इस दौरान प्रशिक्षुओं को वॉकी टॉकी के माध्यम से दिशानिर्देश देते हैं। आज सभी प्रशिक्षुओं को आपातकालीन स्थिति में झील में उतरना सिखाया जाएगा। इस दौरान रिजर्व पैराशूट का प्रयोग करेंगे। झील में दो मोटर बोट तैनात की गई हैं जिनके माध्यम से प्रशिक्षुओं को किनारे तक लाया जाता है। दूसरे बैच में भी 25 प्रशिक्षु भाग लेंगे।
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