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कलियुग के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए केवल शिव : संगम भारती
Thu, 12 Feb 2026 11:09 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 12 Feb 2026 11:09 PM IST
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श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रहे श्री शिव महापुराण कथा में भजन कीर्तन करते श्रद्धालु। स्रोत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के सातवें दिन की कथा में महंत संगम भारती ने भगवान शिव के और पार्वती के विवाह और अवतरण के बारे में बताया। उन्होंने शिव जी के वीरभद्र अवतार की कथा सुनाई गई, जिसमें शिव जी ने दक्ष प्रजापति के यज्ञ को नष्ट किया था।
कथा वाचक संगम भारती ने कहा वीरभद्र अवतार में शिव जी ने अपने क्रोध को व्यक्त किया था, और दक्ष प्रजापति को उनके अपमान का दंड दिया था। उन्होंने शिव जी के भैरव अवतार के बारे में विस्तार से बताया जिसमें शिव जी ने ब्रह्मा जी के पांचवें सिर को काटा था। कथा वाचक संगम भारती ने कहा कि भैरव अवतार में शिव जी ने अपने ज्ञान और शक्ति का प्रदर्शन किया था और ब्रह्मा जी को उनके अहंकार से मुक्त किया था। कथा वाचक ने कहा कि पार्वती जी शिव जी की शक्ति हैं। उन्होंने पार्वती जी की स्तुति करते हुए कहा हे पार्वती, आप शिव जी की प्रिय पत्नी हैं, और आपकी कृपा से ही हम शिव कृपा प्राप्त कर सकते हैं। आप हमारी रक्षा करें, और हमें शिव के मार्ग पर चलने की शक्ति दें। उन्होंने कलियुग के बारे में बताया। कहा कि कलियुग में धर्म की हानि होगी, और अधर्म का बढ़ाव होगा। लोगों में लोभ, मोह, और क्रोध बढ़ेगा, और वे अपने कर्तव्यों को भूल जाएंगे। कलियुग में शिव जी की कृपा ही एकमात्र आशा है, जो हमें इस युग के दुष्प्रभावों से बचाती है। शिव की पूजा और भक्ति करने से ही हम कलियुग के पापों से मुक्त हो सकते हैं।
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बिलासपुर। बिलासपुर के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में चल रही श्री शिव महापुराण कथा के सातवें दिन की कथा में महंत संगम भारती ने भगवान शिव के और पार्वती के विवाह और अवतरण के बारे में बताया। उन्होंने शिव जी के वीरभद्र अवतार की कथा सुनाई गई, जिसमें शिव जी ने दक्ष प्रजापति के यज्ञ को नष्ट किया था।
कथा वाचक संगम भारती ने कहा वीरभद्र अवतार में शिव जी ने अपने क्रोध को व्यक्त किया था, और दक्ष प्रजापति को उनके अपमान का दंड दिया था। उन्होंने शिव जी के भैरव अवतार के बारे में विस्तार से बताया जिसमें शिव जी ने ब्रह्मा जी के पांचवें सिर को काटा था। कथा वाचक संगम भारती ने कहा कि भैरव अवतार में शिव जी ने अपने ज्ञान और शक्ति का प्रदर्शन किया था और ब्रह्मा जी को उनके अहंकार से मुक्त किया था। कथा वाचक ने कहा कि पार्वती जी शिव जी की शक्ति हैं। उन्होंने पार्वती जी की स्तुति करते हुए कहा हे पार्वती, आप शिव जी की प्रिय पत्नी हैं, और आपकी कृपा से ही हम शिव कृपा प्राप्त कर सकते हैं। आप हमारी रक्षा करें, और हमें शिव के मार्ग पर चलने की शक्ति दें। उन्होंने कलियुग के बारे में बताया। कहा कि कलियुग में धर्म की हानि होगी, और अधर्म का बढ़ाव होगा। लोगों में लोभ, मोह, और क्रोध बढ़ेगा, और वे अपने कर्तव्यों को भूल जाएंगे। कलियुग में शिव जी की कृपा ही एकमात्र आशा है, जो हमें इस युग के दुष्प्रभावों से बचाती है। शिव की पूजा और भक्ति करने से ही हम कलियुग के पापों से मुक्त हो सकते हैं।
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