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177 दिन बाद आज श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे विश्व शक्तिपीठ मां श्री नयना देवी जी के कपाट
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श्री नयना देवी मंदिर के बाहर सुरक्षा का जायजा लेते एसडीएम और कर्मचारी।
- फोटो : BILASPUR
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श्री नयना देवी जी/बिलासपुर। करीब 177 दिनों के बाद आज श्रद्धालुओं के लिए मां के कपाट खुल रहे हैं। श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में खड़े होने के लिए दो मीटर दूरी पर गोले लगाए गए हैं। मंदिर में रोजाना 1 हजार श्रद्धालु दर्शन कर पाएंगे। मंदिर की घंटियों पर कपड़ा बांधा गया है। इस बार श्रद्धालु गुफा के दर्शन भी नहीं कर पाएंगे। मंदिर में लंगर नहीं लगेगा। न ही सराय में श्रद्धालुओं को ठहरने दिया जाएगा। मंदिर में हर दिन 1 हजार श्रद्धालु शीश नवा सकेंगे।
एसडीएम श्री नयना देवी जी सुभाष गौतम ने मंदिर में तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि एसओपी के मुताबिक मंदिर में 60 साल से अधिक और 10 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के आने पर रोक है। मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु का डाटा रिकॉर्ड किया जाएगा। अगर कोई संदिग्ध पाया जाता है तो उसे मंदिर परिसर के भीतर बनाए वार्ड में आईसोलेट किया जाएगा। इसके साथ श्रद्धालुओं को मूर्तियों को छूने और घंटियों से हाथ लगाना मना है। सरकार ने शक्तिपीठों को खोलने के एसओपी जारी होने के बाद जिला प्रशासन ने भी शक्तिपीठ श्री नयना देवी के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोलने के पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं।
करवानी होगी कोविड पोर्टल पर एंट्री
एसडीएम सुभाष ने बताया कि दिल्ली, पंजाब और दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को ई-कोविड पोर्टल पर एंट्री के बाद ही बॉर्डर से प्रवेश मिलेगा। मंदिर परिसर में दाखिल होने से पहले उनका मंदिर प्रशासन पंजीकरण करेगा। हर दिन 1 हजार श्रद्धालु ही मां के दर्शन कर पाएंगे। मंदिर के 45 सुरक्षा कर्मियों सहित पुलिस वाले दौरान ड्यूटी देंगे। स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में गोले लगाए गए हैं।
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शादी मुंडन और लंगर पर रहेगा प्रतिबंध
मंदिर में शादी, मुंडन, लंगर और सराय में ठहरने पर फिलहाल प्रतिबंध हैं। मंदिर में भजन-कीर्तन नहीं हो पाया। मंदिर परिसर में बैठने की भी अनुमति नहीं मिलेगी। श्रद्धालु से प्रसाद न लिया जाएगा न ही दिया जाएगा।
यह रहेंगे एसओपी
-खाली हाथ दर्शन करने ही आ सकेंगे।
-दीवारों, रेलिंग और परिसर को छूने पर रोक
-मंदिर के आकार और प्रवेश को लेकर संख्या होगी निर्धारित
-गर्भगृह में जाने पर पूरी तरह रोक
-भंडारा और प्रसाद और अन्य सामान लाने-ले जाने पर रोक
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एसडीएम श्री नयना देवी जी सुभाष गौतम ने मंदिर में तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि एसओपी के मुताबिक मंदिर में 60 साल से अधिक और 10 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के आने पर रोक है। मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु का डाटा रिकॉर्ड किया जाएगा। अगर कोई संदिग्ध पाया जाता है तो उसे मंदिर परिसर के भीतर बनाए वार्ड में आईसोलेट किया जाएगा। इसके साथ श्रद्धालुओं को मूर्तियों को छूने और घंटियों से हाथ लगाना मना है। सरकार ने शक्तिपीठों को खोलने के एसओपी जारी होने के बाद जिला प्रशासन ने भी शक्तिपीठ श्री नयना देवी के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोलने के पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं।
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करवानी होगी कोविड पोर्टल पर एंट्री
एसडीएम सुभाष ने बताया कि दिल्ली, पंजाब और दूसरे राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को ई-कोविड पोर्टल पर एंट्री के बाद ही बॉर्डर से प्रवेश मिलेगा। मंदिर परिसर में दाखिल होने से पहले उनका मंदिर प्रशासन पंजीकरण करेगा। हर दिन 1 हजार श्रद्धालु ही मां के दर्शन कर पाएंगे। मंदिर के 45 सुरक्षा कर्मियों सहित पुलिस वाले दौरान ड्यूटी देंगे। स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में गोले लगाए गए हैं।
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शादी मुंडन और लंगर पर रहेगा प्रतिबंध
मंदिर में शादी, मुंडन, लंगर और सराय में ठहरने पर फिलहाल प्रतिबंध हैं। मंदिर में भजन-कीर्तन नहीं हो पाया। मंदिर परिसर में बैठने की भी अनुमति नहीं मिलेगी। श्रद्धालु से प्रसाद न लिया जाएगा न ही दिया जाएगा।
यह रहेंगे एसओपी
-खाली हाथ दर्शन करने ही आ सकेंगे।
-दीवारों, रेलिंग और परिसर को छूने पर रोक
-मंदिर के आकार और प्रवेश को लेकर संख्या होगी निर्धारित
-गर्भगृह में जाने पर पूरी तरह रोक
-भंडारा और प्रसाद और अन्य सामान लाने-ले जाने पर रोक