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Bilaspur News: तीन माह के अंदर परीक्षा देंगे शॉर्ट अटेंडेंस वाले एमबीबीएस प्रशिक्षु
Wed, 02 Apr 2025 11:49 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 02 Apr 2025 11:49 PM IST
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-एम्स बिलासपुर में 22 प्रशिक्षु पूरी नहीं कर सके थे 75 प्रतिशत हाजिरी
-अन्य प्रशिक्षु चिकित्सकों से मात्र दो से ढाई माह देरी से पूरी होगी इंटर्नशिप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं करने वाले द्वितीय वर्ष के एमबीबीएस प्रशिक्षु तीन माह में परीक्षा देंगे। इसके चलते इन प्रशिक्षुओं को अपनी डिग्री के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वहीं अन्य प्रशिक्षु चिकित्सकों से मात्र दो से ढाई माह बाद ही इनकी भी इंटर्नशिप पूरी हो जाएगी।
एम्स बिलासपुर में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के 22 प्रशिक्षु अपनी 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं कर पाए। वहीं एनएमसी के नियमों के कारण उक्त सभी दूसरे प्रशिक्षुओं के साथ परीक्षा नहीं दे पाएंगे। हालांकि तीन माह के अंदर री अपीयर की परीक्षा के साथ यह प्रशिक्षु अपनी परीक्षा देंगे, जिसके चलते उन्हें अपना-अलग समय व्यर्थ नहीं करना पड़ेगा। हालांकि इससे इंटर्नशिप के लिए दो से ढाई माह का अंतर प्रशिक्षुओं के बीच पड़ेगा, लेकिन डिग्री पूरी होने में इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। जो 22 प्रशिक्षु 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं कर पाए हैं, उन्हें अतिरिक्त कक्षाएं लगानी पड़ेंगी। साथ ही इनकी असेसमेंट के लिए जो भी टेस्ट होंगे वह भी उन्हें पूरा करने पड़ेंगे। इसके बाद मई में यह प्रशिक्षु री अपीयर के साथ अपनी परीक्षा देंगे। बता दें कि एम्स बिलासपुर में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष में कुल 50 प्रशिक्षु हैं। एम्स बिलासपुर में वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। यह एम्स बिलासपुर का पहला बैच है जो इंटर्नशिप के बाद निकलेगा और एम्स सहित प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी सेवाएं देगा। मानकों के तहत हाजिरी पूरी करना न केवल एम्स बल्कि स्कूल कॉलेज व अन्य संस्थानों के लिए भी जरूरी है। लेकिन एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान और विशेष तौर पर हेल्थ सेक्टर में दी जाने वाली सेवाओं की अहमियत को देखते हुए इन मानकों को पूरा करना एमबीबीएस प्रशिक्षुओं के लिए जरूरी है। न केवल हाजिरी लेकिन बल्कि इंटरनल असेसमेंट जैसे मानकों पर भी इन्हें खरा उतरना उतना ही जरूरी है।
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-अन्य प्रशिक्षु चिकित्सकों से मात्र दो से ढाई माह देरी से पूरी होगी इंटर्नशिप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं करने वाले द्वितीय वर्ष के एमबीबीएस प्रशिक्षु तीन माह में परीक्षा देंगे। इसके चलते इन प्रशिक्षुओं को अपनी डिग्री के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वहीं अन्य प्रशिक्षु चिकित्सकों से मात्र दो से ढाई माह बाद ही इनकी भी इंटर्नशिप पूरी हो जाएगी।
एम्स बिलासपुर में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के 22 प्रशिक्षु अपनी 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं कर पाए। वहीं एनएमसी के नियमों के कारण उक्त सभी दूसरे प्रशिक्षुओं के साथ परीक्षा नहीं दे पाएंगे। हालांकि तीन माह के अंदर री अपीयर की परीक्षा के साथ यह प्रशिक्षु अपनी परीक्षा देंगे, जिसके चलते उन्हें अपना-अलग समय व्यर्थ नहीं करना पड़ेगा। हालांकि इससे इंटर्नशिप के लिए दो से ढाई माह का अंतर प्रशिक्षुओं के बीच पड़ेगा, लेकिन डिग्री पूरी होने में इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। जो 22 प्रशिक्षु 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं कर पाए हैं, उन्हें अतिरिक्त कक्षाएं लगानी पड़ेंगी। साथ ही इनकी असेसमेंट के लिए जो भी टेस्ट होंगे वह भी उन्हें पूरा करने पड़ेंगे। इसके बाद मई में यह प्रशिक्षु री अपीयर के साथ अपनी परीक्षा देंगे। बता दें कि एम्स बिलासपुर में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष में कुल 50 प्रशिक्षु हैं। एम्स बिलासपुर में वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। यह एम्स बिलासपुर का पहला बैच है जो इंटर्नशिप के बाद निकलेगा और एम्स सहित प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी सेवाएं देगा। मानकों के तहत हाजिरी पूरी करना न केवल एम्स बल्कि स्कूल कॉलेज व अन्य संस्थानों के लिए भी जरूरी है। लेकिन एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान और विशेष तौर पर हेल्थ सेक्टर में दी जाने वाली सेवाओं की अहमियत को देखते हुए इन मानकों को पूरा करना एमबीबीएस प्रशिक्षुओं के लिए जरूरी है। न केवल हाजिरी लेकिन बल्कि इंटरनल असेसमेंट जैसे मानकों पर भी इन्हें खरा उतरना उतना ही जरूरी है।
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