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Bilaspur News: घुमारवीं में किया जाएगा मजदूर सदन का निर्माण
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- नवंबर में विधायक राजेश धर्माणी करेंगे शिलान्यास
-हिमाचल प्रदेश कंस्ट्रक्शन एवं मनरेगा मजदूर यूनियन की हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। इंटक से संबंधित हिमाचल प्रदेश कंस्ट्रक्शन एवं मनरेगा मजदूर यूनियन की बैठक इंटक के कार्यालय घुमारवीं में हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के प्रदेश प्रधान जगत राम शर्मा ने की।
बैठक में बिलासपुर इंटक के अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर ने कहा कि यूनियन घुमारवीं तहसील के गांव क्यारी में मजदूर सदन का निर्माण करने जा रही है। इसके लिए भूमि का निरीक्षण किया गया। नवंबर में घुमारवीं विधायक राजेश धर्माणी मजदूर सदन के निर्माण का शिलान्यास करेंगे।
इस मौके पर प्रदेश प्रधान जगत राम शर्मा और रूप सिंह ठाकुर ने संयुक्त रूप से कहा कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के श्रम कल्याण अधिकारी गरीब निर्माण मजदूर का शोषण कर रहे हैं, क्योंकि श्रम कल्याण अधिकारी के कार्यालय में हजारों मजदूरों के विभिन्न सुविधाओं के क्लेम पिछले दो साल से धूल फांक रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रम कल्याण अधिकारी स्थानीय गरीब निर्माण मजदूरों के काम करने के प्रमाण पत्रों को संबंधित ग्राम पंचायत सचिव द्वारा सत्यापन करने को मजबूर कर रहे हैं, जबकि यह कार्य उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। यही नहीं खंड विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों को प्राइवेट क्षेत्र में कार्य कर रहे मजदूरों के सेवा प्रमाणपत्र को सत्यापन करने से भी इनकार किया जा रहा है। जबकि सचिव केवल ग्राम पंचायत के तहत किए हुए कार्य का ही सत्यापन कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भवन एवं निर्माण श्रम कल्याण बोर्ड भी निर्माण मजदूर का पंजीकरण और नवीनीकरण का सरलीकरण करने के बजाय श्रम कल्याण अधिकारी इस कठोर व्यवस्था में परिवर्तित कर रहे हैं। भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक अधिनियम 1996 के नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में हजारों प्रवासी मजदूर कार्य कर रहे हैं। उनके पंजीकरण करने के लिए भी कठोर से कठोर प्रश्न चिन्ह लगाए जा रहे हैं। विभाग की इस प्रक्रिया से हजारों निर्माण मजदूर में असंतोष पनप रहा है। उन्होंने कहा कि श्रम कल्याण अधिकारियों ने निर्माण मजदूरों के शोषण के चलते इसका असर हिमाचल सरकार पर पड़ रहा है। जो कि आने वाले समय में किसी भी हालत में भुलाया नहीं जा सकेगा।
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-हिमाचल प्रदेश कंस्ट्रक्शन एवं मनरेगा मजदूर यूनियन की हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। इंटक से संबंधित हिमाचल प्रदेश कंस्ट्रक्शन एवं मनरेगा मजदूर यूनियन की बैठक इंटक के कार्यालय घुमारवीं में हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के प्रदेश प्रधान जगत राम शर्मा ने की।
बैठक में बिलासपुर इंटक के अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर ने कहा कि यूनियन घुमारवीं तहसील के गांव क्यारी में मजदूर सदन का निर्माण करने जा रही है। इसके लिए भूमि का निरीक्षण किया गया। नवंबर में घुमारवीं विधायक राजेश धर्माणी मजदूर सदन के निर्माण का शिलान्यास करेंगे।
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इस मौके पर प्रदेश प्रधान जगत राम शर्मा और रूप सिंह ठाकुर ने संयुक्त रूप से कहा कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के श्रम कल्याण अधिकारी गरीब निर्माण मजदूर का शोषण कर रहे हैं, क्योंकि श्रम कल्याण अधिकारी के कार्यालय में हजारों मजदूरों के विभिन्न सुविधाओं के क्लेम पिछले दो साल से धूल फांक रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रम कल्याण अधिकारी स्थानीय गरीब निर्माण मजदूरों के काम करने के प्रमाण पत्रों को संबंधित ग्राम पंचायत सचिव द्वारा सत्यापन करने को मजबूर कर रहे हैं, जबकि यह कार्य उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। यही नहीं खंड विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों को प्राइवेट क्षेत्र में कार्य कर रहे मजदूरों के सेवा प्रमाणपत्र को सत्यापन करने से भी इनकार किया जा रहा है। जबकि सचिव केवल ग्राम पंचायत के तहत किए हुए कार्य का ही सत्यापन कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भवन एवं निर्माण श्रम कल्याण बोर्ड भी निर्माण मजदूर का पंजीकरण और नवीनीकरण का सरलीकरण करने के बजाय श्रम कल्याण अधिकारी इस कठोर व्यवस्था में परिवर्तित कर रहे हैं। भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक अधिनियम 1996 के नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में हजारों प्रवासी मजदूर कार्य कर रहे हैं। उनके पंजीकरण करने के लिए भी कठोर से कठोर प्रश्न चिन्ह लगाए जा रहे हैं। विभाग की इस प्रक्रिया से हजारों निर्माण मजदूर में असंतोष पनप रहा है। उन्होंने कहा कि श्रम कल्याण अधिकारियों ने निर्माण मजदूरों के शोषण के चलते इसका असर हिमाचल सरकार पर पड़ रहा है। जो कि आने वाले समय में किसी भी हालत में भुलाया नहीं जा सकेगा।
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