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Bilaspur News: रडोह गांव में तेंदुए का आतंक, दिनदहाड़े पालतू पशुओं पर हमला
Mon, 02 Feb 2026 11:38 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 02 Feb 2026 11:38 PM IST
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ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से पिंजरा लगाने व मुआवजे की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। झंडूता वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़गांव के रडोह गांव से सटी मुस्लिम बस्ती में तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। तेंदुआ दिनदहाड़े खेतों में घुसकर पालतू पशुओं पर हमला कर रहा है। रविवार दोपहर बाद खेतों में काम कर रहे लोगों के सामने ही तेंदुए ने एक बकरी और कुत्ते पर झपट्टा मारकर उन्हें मार डाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब तेंदुए ने हमला किया उस समय ग्रामीण खेतों में काम कर रहे थे। बकरी और कुत्ते के चिल्लाने की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक तेंदुआ दोनों पशुओं को मार चुका था। लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्राम पंचायत बड़गांव की मुस्लिम बस्ती के ग्रामीण सरदारा, कृष्णु राम सरदार, मोहम्मद इस्माइल खान, रिंकू, सलामत, सोनू, नूरुद्दीन सहित अन्य लोगों ने बताया कि तेंदुए की मौजूदगी को लेकर वन विभाग को पहले भी कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पिंजरा लगाया गया होता तो उनके पालतू पशुओं की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने बताया कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और रात के समय बाहर निकलना भी जरूरी होता है। ऐसे में तेंदुए की मौजूदगी से जानमाल का खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते वन विभाग ने उचित कदम नहीं उठाए तो भविष्य में तेंदुआ लोगों पर भी जानलेवा हमला कर सकता है। इस समय खेतीबाड़ी का मौसम चल रहा है और लोग लगातार खेतों में काम कर रहे हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मारे गए पशुओं का मुआवजा देने के साथ गांव के आसपास पिंजरा लगाने की मांग की है। उधर, झंडूता वन परिक्षेत्र अधिकारी देश राज, स्थानीय वन बीट के वनरक्षक प्रीतम सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले विभाग को शिकायत मिली थी, जिसके बाद गांव और आसपास के जंगल का निरीक्षण किया गया था, लेकिन उस दौरान तेंदुए की मौजूदगी के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले थे, जिस कारण पिंजरा नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि यदि अब तेंदुए की गतिविधि सामने आ रही है तो जल्द ही आवश्यक कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगाया जाएगा। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि तेंदुआ दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। झंडूता वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़गांव के रडोह गांव से सटी मुस्लिम बस्ती में तेंदुए के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। तेंदुआ दिनदहाड़े खेतों में घुसकर पालतू पशुओं पर हमला कर रहा है। रविवार दोपहर बाद खेतों में काम कर रहे लोगों के सामने ही तेंदुए ने एक बकरी और कुत्ते पर झपट्टा मारकर उन्हें मार डाला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब तेंदुए ने हमला किया उस समय ग्रामीण खेतों में काम कर रहे थे। बकरी और कुत्ते के चिल्लाने की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक तेंदुआ दोनों पशुओं को मार चुका था। लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्राम पंचायत बड़गांव की मुस्लिम बस्ती के ग्रामीण सरदारा, कृष्णु राम सरदार, मोहम्मद इस्माइल खान, रिंकू, सलामत, सोनू, नूरुद्दीन सहित अन्य लोगों ने बताया कि तेंदुए की मौजूदगी को लेकर वन विभाग को पहले भी कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पिंजरा लगाया गया होता तो उनके पालतू पशुओं की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने बताया कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और रात के समय बाहर निकलना भी जरूरी होता है। ऐसे में तेंदुए की मौजूदगी से जानमाल का खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते वन विभाग ने उचित कदम नहीं उठाए तो भविष्य में तेंदुआ लोगों पर भी जानलेवा हमला कर सकता है। इस समय खेतीबाड़ी का मौसम चल रहा है और लोग लगातार खेतों में काम कर रहे हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मारे गए पशुओं का मुआवजा देने के साथ गांव के आसपास पिंजरा लगाने की मांग की है। उधर, झंडूता वन परिक्षेत्र अधिकारी देश राज, स्थानीय वन बीट के वनरक्षक प्रीतम सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले विभाग को शिकायत मिली थी, जिसके बाद गांव और आसपास के जंगल का निरीक्षण किया गया था, लेकिन उस दौरान तेंदुए की मौजूदगी के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले थे, जिस कारण पिंजरा नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि यदि अब तेंदुए की गतिविधि सामने आ रही है तो जल्द ही आवश्यक कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगाया जाएगा। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि तेंदुआ दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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