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स्थानीय युवाओं और विस्थापितों के हक की आवाज उठाएं जनप्रतिनिधि : हीरा पाल
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कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ सचिव ने उद्योगों में रोजगार और प्रभावितों के मुद्दे उठाए
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ सचिव एवं राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर और जम्मू-कश्मीर प्रभारी ठाकुर हीरा पाल सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को उद्योगों से प्रभावित स्थानीय लोगों, विस्थापितों और बेरोजगार युवाओं के हक की आवाज मजबूती से उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधियों ने जनता के हितों के बजाय उद्योगों में ठेकेदारी, सीमेंट ढुलाई और अन्य कामों में अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि भाखड़ा विस्थापितों से लेकर एसीसी सीमेंट उद्योग, टावर लाइन, फोरलेन तथा अल्ट्राटेक और अंबुजा से प्रभावित लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा। कई मामलों में लोगों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उन्होंने कहा कि उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार की प्राथमिकता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उद्योगों से होने वाले लाभ का हिस्सा स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और अन्य जन सुविधाओं पर खर्च होना चाहिए। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने की ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ सचिव एवं राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर और जम्मू-कश्मीर प्रभारी ठाकुर हीरा पाल सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को उद्योगों से प्रभावित स्थानीय लोगों, विस्थापितों और बेरोजगार युवाओं के हक की आवाज मजबूती से उठानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधियों ने जनता के हितों के बजाय उद्योगों में ठेकेदारी, सीमेंट ढुलाई और अन्य कामों में अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि भाखड़ा विस्थापितों से लेकर एसीसी सीमेंट उद्योग, टावर लाइन, फोरलेन तथा अल्ट्राटेक और अंबुजा से प्रभावित लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा। कई मामलों में लोगों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उन्होंने कहा कि उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार की प्राथमिकता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उद्योगों से होने वाले लाभ का हिस्सा स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और अन्य जन सुविधाओं पर खर्च होना चाहिए। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने की ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए।
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