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Bilaspur News: सात साल बाद भी नहीं बना कसोल लेंगड़ी पुल, लोगों के लिए बना मुसीबत
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- पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 7 दिसंबर 2016 को किया था शिलान्यास
-अधूरा काम होने से बह रही लोगों की भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सदर विधानसभा के कसोल में सीर खड्ड पर बन रहे लेंगड़ी पुल का काम सात साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। इस पुल का शिलान्यास 7 दिसंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया था। इस पर कुल 1.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं, लेकिन पुल का कार्य नींव तक ही सीमित रह गया है। वहीं, पुल के लिए की गई खुदाई से हर साल बरसात में लोगों की कृषि भूमि बह रही है।
कसोल गांव के राम पाल, जसवीर सिंह, द्वारका दास, दौलत राम, कर्मजीत सिंह, लेखराम, राजकुमारी, कांता देवी ने बताया कि बरसात के मौसम में क्षेत्र के लोगों को सीर खड्ड को पार करना मुश्किल हो जाता है। पुल का काम 23 मार्च 2020 को लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार के माध्यम से शुरू कराया गया। कोरोना लॉकडाउन लगने पर काम रोक दिया गया। 5 मई 2020 को दोबारा काम शुरू हुआ, लेकिन नींव का काम होने के बाद काम फिर से रुक गया। उन्होंने बताया कि पुल की नींव के लिए उनकी भूमि के साथ खुदाई की गई। अब बरसात के मौसम धीरे-धीरे भूमि का कटाव हो रहा है। जब इस संबंध में ठेकेदार से बात की गई तो वह भी टालमटोल कर रहा है। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पुल के बन जाने से काफी लोगों को फायदा होना था, लेकिन निर्माण कार्य नहीं होने के कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, अधिशासी अभियंता घुमारवीं मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि विभाग ने पुल का काम नहीं करने पर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। इस पुल के निर्माण के लिए दोबारा टेंडर कराया जा रहा है।
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-अधूरा काम होने से बह रही लोगों की भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। सदर विधानसभा के कसोल में सीर खड्ड पर बन रहे लेंगड़ी पुल का काम सात साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। इस पुल का शिलान्यास 7 दिसंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किया था। इस पर कुल 1.14 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं, लेकिन पुल का कार्य नींव तक ही सीमित रह गया है। वहीं, पुल के लिए की गई खुदाई से हर साल बरसात में लोगों की कृषि भूमि बह रही है।
कसोल गांव के राम पाल, जसवीर सिंह, द्वारका दास, दौलत राम, कर्मजीत सिंह, लेखराम, राजकुमारी, कांता देवी ने बताया कि बरसात के मौसम में क्षेत्र के लोगों को सीर खड्ड को पार करना मुश्किल हो जाता है। पुल का काम 23 मार्च 2020 को लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार के माध्यम से शुरू कराया गया। कोरोना लॉकडाउन लगने पर काम रोक दिया गया। 5 मई 2020 को दोबारा काम शुरू हुआ, लेकिन नींव का काम होने के बाद काम फिर से रुक गया। उन्होंने बताया कि पुल की नींव के लिए उनकी भूमि के साथ खुदाई की गई। अब बरसात के मौसम धीरे-धीरे भूमि का कटाव हो रहा है। जब इस संबंध में ठेकेदार से बात की गई तो वह भी टालमटोल कर रहा है। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पुल के बन जाने से काफी लोगों को फायदा होना था, लेकिन निर्माण कार्य नहीं होने के कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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उधर, अधिशासी अभियंता घुमारवीं मनोहर लाल शर्मा ने बताया कि विभाग ने पुल का काम नहीं करने पर ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। इस पुल के निर्माण के लिए दोबारा टेंडर कराया जा रहा है।
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