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Bilaspur News: खंगड़ के कर्णवीर सिंह ठाकुर बने लेफ्टिनेंट
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लेफ्टिनेंट कर्णवीर सिंह परिवार के साथ। स्रोत: परिवार
ओटीए चेन्नई से प्रशिक्षण पूरा कर असम रेजीमेंट में मिला कमीशन
तीन पीढ़ियों से परिवार में चल रही है देश सेवा की परंपरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विधानसभा क्षेत्र की निचली भटेड़ पंचायत के खंगड़ गांव के कर्णवीर सिंह ठाकुर लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उन्होंने 7 मार्च को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी चेन्नई से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया। कमीशन मिलने के बाद उनकी तैनाती असम रेजीमेंट में हुई है।
कर्णवीर के परिवार में तीन पीढ़ियों से देश सेवा की परंपरा है। उनके पिता कर्नल विक्रम सिंह ठाकुर भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उनकी माता नरिशा ठाकुर गृहिणी हैं। उनके दादा कर्नल रामधन वर्मा सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। इसके अलावा उनके चाचा ग्रुप कैप्टन अजय सिंह ठाकुर वायुसेना में उच्च पद पर कार्यरत हैं।
दादा कर्नल रामधन वर्मा ने बताया कि कर्णवीर बचपन से ही सेना में जाने और देश सेवा करने का सपना देखते थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण के दौरान कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ तैयारी की। इसका परिणाम है कि आज वह भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होकर देश सेवा का सपना साकार कर पाए हैं।
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तीन पीढ़ियों से परिवार में चल रही है देश सेवा की परंपरा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर विधानसभा क्षेत्र की निचली भटेड़ पंचायत के खंगड़ गांव के कर्णवीर सिंह ठाकुर लेफ्टिनेंट बन गए हैं। उन्होंने 7 मार्च को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी चेन्नई से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया। कमीशन मिलने के बाद उनकी तैनाती असम रेजीमेंट में हुई है।
कर्णवीर के परिवार में तीन पीढ़ियों से देश सेवा की परंपरा है। उनके पिता कर्नल विक्रम सिंह ठाकुर भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उनकी माता नरिशा ठाकुर गृहिणी हैं। उनके दादा कर्नल रामधन वर्मा सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। इसके अलावा उनके चाचा ग्रुप कैप्टन अजय सिंह ठाकुर वायुसेना में उच्च पद पर कार्यरत हैं।
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दादा कर्नल रामधन वर्मा ने बताया कि कर्णवीर बचपन से ही सेना में जाने और देश सेवा करने का सपना देखते थे। उन्होंने अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण के दौरान कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ तैयारी की। इसका परिणाम है कि आज वह भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होकर देश सेवा का सपना साकार कर पाए हैं।
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