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रैली निकालकर व नारेबाजी कर जेबीटी प्रशिक्षुओं ने हाईकोर्ट के फैसले का विरोध
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बीएड को जेबीटी से बाहर करने के लिए रैली निकालते डाईट जुखाला के प्रशिक्षु।
- फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। हाईकोर्ट के फैसले खफा बिलासपुर के जेबीटी प्रशिक्षुओं ने सोमवार को सड़क पर उतर कर रोष जताया। जेबीटी प्रशिक्षुओं कक्षाओं का बहिष्कार किया और रैली निकालकर नारेबाजी की। इस मौके पर प्रशिक्षुओं का कहना है कि जब तक उनके पक्ष में फैसला नहीं आता तब तक कक्षाओं का बहिष्कार किया जाएगा।
प्रशिक्षु धनंजय, साहिल वर्मा, अतुल ठाकुर, ईशान शर्मा, नीरज शर्मा, पुल्कित ठाकुर व अन्य का कहना है कि जब तक फैसला उनके पक्ष में नहीं आता है, तब तक वे कक्षाओं का बहिष्कार करते रहेंगे। प्रदेश सरकार ने जेबीटी शिक्षकों के साथ अन्याय किया है। इसका खामियाजा सरकार को आगामी विस चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
उनका कहना है कि जब बीएड डिग्रीधारक जेबीटी में आ जाएंगे तो उनका अस्तित्व खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जेबीटी का कोर्स जमा दो के बाद होता है, जबकि बीएड के लिए स्नातक के बाद दो वर्ष का कोर्स रहता है। इससे उनकी शिक्षा में भी काफी अंतर है।
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इसके अतिरिक्त जेबीटी अध्यापकों को बच्चों को पांचवीं कक्षा तक पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि बीएड डिग्रीधारक माध्यमिक स्तर की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित होते हैं। प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान आदि में इसी तरह के निर्णय को लेकर फैसला जेबीटी शिक्षकों के पक्ष में आया है।
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प्रशिक्षु धनंजय, साहिल वर्मा, अतुल ठाकुर, ईशान शर्मा, नीरज शर्मा, पुल्कित ठाकुर व अन्य का कहना है कि जब तक फैसला उनके पक्ष में नहीं आता है, तब तक वे कक्षाओं का बहिष्कार करते रहेंगे। प्रदेश सरकार ने जेबीटी शिक्षकों के साथ अन्याय किया है। इसका खामियाजा सरकार को आगामी विस चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
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उनका कहना है कि जब बीएड डिग्रीधारक जेबीटी में आ जाएंगे तो उनका अस्तित्व खत्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जेबीटी का कोर्स जमा दो के बाद होता है, जबकि बीएड के लिए स्नातक के बाद दो वर्ष का कोर्स रहता है। इससे उनकी शिक्षा में भी काफी अंतर है।
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इसके अतिरिक्त जेबीटी अध्यापकों को बच्चों को पांचवीं कक्षा तक पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि बीएड डिग्रीधारक माध्यमिक स्तर की कक्षाओं को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित होते हैं। प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान आदि में इसी तरह के निर्णय को लेकर फैसला जेबीटी शिक्षकों के पक्ष में आया है।