फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Khair-growing farmers of Ghumarwin-Jhandutta demand felling permits.

Bilaspur News: घुमारवीं-झंडूता के खैर उत्पादक किसानों ने उठाई कटान परमिट की मांग

Wed, 09 Sep 2026 12:26 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 12:26 AM IST
विज्ञापन
Khair-growing farmers of Ghumarwin-Jhandutta demand felling permits.
कहा-परमिट जारी न होने से किसानों को उठाना पड़ रहा आर्थिक नुकसान
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं और झंडूता वन परिक्षेत्र में खैर कटान के परमिट जारी न होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। गांव सारटी निवासी किसान एवं समाजसेवी लक्ष्मण सिंह ठाकुर ने प्रदेश सरकार और वन विभाग से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

लक्ष्मण सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में खैर कटान के लिए 10 वर्ष के अंतराल पर अनुमति देने की नीति रही है। इसके तहत घुमारवीं और झंडूता क्षेत्र में वर्ष 2012-13 के बाद वर्ष 2022-23 में खैर कटान के परमिट मिलने चाहिए थे, लेकिन अभी तक इन क्षेत्रों को खैर कटान के लिए नहीं खोला गया है। इसके चलते किसानों के सैकड़ों बहुमूल्य खैर के पेड़ बीमारी और अन्य कारणों से सूख चुके हैं, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के ढुलमुल रवैये के कारण खैर उत्पादन किसानों के लिए आय का साधन होने के बावजूद प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जनवरी और फरवरी 2026 में भी इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया था और विधानसभा सत्र में भी इसकी चर्चा हुई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और प्रधान सचिव वन से मांग की है कि किसानों के हित में शीघ्र निर्णय लेकर विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed